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अब टाट-पट्टी पर नहीं डायनिंग टेबल पर ठाठ से बैठकर भोजन करेंगे बच्चे

शासकीय विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चे अब जमीन पर बैठकर नहीं बल्कि डायनिंग टेबल पर बैठकर मध्यान्ह भोजन करेंगे, जिसकी शुरूआत गुना जिले के बमोरी विधानसभा क्षेत्र से हो गई है।

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अब टाट-पट्टी पर नहीं डायनिंग टेबल पर ठाठ से बैठकर भोजन करेंगे बच्चे

अब टाट-पट्टी पर नहीं डायनिंग टेबल पर ठाठ से बैठकर भोजन करेंगे बच्चे

गुना. शासकीय विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चे अब जमीन पर बैठकर नहीं बल्कि डायनिंग टेबल पर बैठकर मध्यान्ह भोजन करेंगे, जिसकी शुरूआत गुना जिले के बमोरी विधानसभा क्षेत्र से हो गई है। इस व्यवस्था के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर भोजन करने से होने वाली दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

दरअसल गुना के बमोरी विधानसभा क्षेत्र के बेरखेड़ी स्थित शासकीय विद्यालय से डायनिंग टेबल पर मध्यान्ह भोजन की शुरूआत हो गई है। जिसके तहत प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्रसिंह सिसौदिया ने बच्चों के साथ डायनिंग टेबल पर बैठकर नाश्ता करके शुभारंभ किया है।

100 स्कूलों में तैयार हो रहे डायनिंग हॉल


गुना जिले की करीब 80 पंचायतों के करीब 100 स्कूलों में डायनिंग हॉल तैयार हो रहे हैं। वर्तमान में गुना के 20 स्कूलों में डायनिंग टेबल तैयार हो चुके हैं।


बच्चों को मिलेगी टाट-पट्टी बिछाने से मुक्ति


अभी तक प्रदेशभर के बच्चों को मध्यान्ह भोजन के लिए टाट-पट्टी पर बैठना पड़ता था। जिसमें कई स्कूलों में तो बच्चे खुद भी टाट पट्टी बिछाते नजर आते थे। लेकिन अब प्रदेशभर के विद्यालयों में डायनिंग टेबल लग जाने पर बच्चों को जमीन पर बैठने के कारण होने वाली समस्या से निजात मिलेगी। इसलिए मंत्री ने पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है।

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सहरिया परिवार के बच्चों में आएगा बदलाव


जिला पंचायत सीईओ निलेश पारीख ने बताया कि बमोरी जनपद की 80 पंचायतों के 100 स्कूल में डायनिंग हॉल बनकर तैयार होंगे, जिसमें करीब 35 लाख रुपए का खर्च आएगा। इससे स्कूलों में पढऩे वाले सैंकड़ों सहरिया परिवारों के विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव होगा। पंचायत मंत्री महेंद्रसिंह सिसौदिया ने बताया कि प्रदेश की पंचायतों में यह योजना लागू की जाएगी, जिससे अब बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर भोजन नहीं करना पड़ेगा।