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मानस भवन की सुन्दरता पर बदनुमा दाग बन गईं ये अस्थाई दुकानें, यातायात हो रहा है बाधित

-बैठक में निर्णय, फिर भी नहीं हो पा रहे समिति के पदाधिकारियों के चुनाव

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गुना

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Praveen Mishra

Aug 28, 2021

मानस भवन की सुन्दरता पर बदनुमा दाग बन गईं ये अस्थाई दुकानें, यातायात हो रहा है बाधित

मानस भवन की सुन्दरता पर बदनुमा दाग बन गईं ये अस्थाई दुकानें, यातायात हो रहा है बाधित

गुना। शहर की सबसे पुरानी संस्था मानस भवन में लंबे समय से निर्णय होने के बाद भी चुनाव नहीं हो रहे हैं। इससे कुछ पदाधिकारियों का मनमाना राज चल रहा है। अभी तक शहर हित में कोविड सेन्टर चल रहा था, इसी बीच उसके मुख्य द्वार पर अपने स्वार्थ के खातिर अस्थाई दुकानें लगवा दी हैं, जिससे जहां एक ओर यातायात बाधित हो रहा है वहीं मानस भवन की सुन्दरता पर यह अस्थाई दुकानें बदनुमा दाग बन गई हैं, जबकि इस संस्था के अध्यक्ष कलेक्टर स्वयं अध्यक्ष हैं।
सूत्रों ने बताया कि मानस भवन के बाहर पूजा सामग्री समेत अन्य सामान बेचने के लिए एक नहीं कई अस्थाई दुकानें लगवाई गई हैं। इन दुकानों को लगवाने से पहले मानस भवन संचालन समिति की बैठक में न कोई प्रस्ताव रखा गया और न ही किसी भी तरह की सहमति या अनुमति ली गई। मानस भवन संचालन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब-जब वहां अस्थाई दुकानें लगती हैं तो मानस भवन के सचिव द्वारा एक ही बयान दिया जाता है कि फेरी वालों को १५-२० दिन के लिए दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि मानस भवन के द्वार पर संत तुलसीदास की प्रतिमा स्थापित है। इसके सामने भी दुकानें लगवा दी हैं, जिससे द्वार भी छिप गया है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने वाले लोगों को इन दुकानों की वजह से आने-जाने में परेशानी हो रही है। इन फेरी वालों से कितना पैसा लिया जाता है और कहां जमा हो रहा है, यह बताने को कोई तैयार नहीं हैं।हाल ही में इसको लेकर आनंद राठौर ने एक शिकायत सीएम हेल्प लाइन में की है।
निर्णय के बाद भी चुनाव नहीं
सूत्रों ने जानकारी दी कि मानस भवन संचालन समिति के चुनाव लगभग बारह वर्ष से नहीं हुए, इसके साथ ही इसकी सदस्यता शुल्क लगातार बढ़ाई जा रही है, जिसको लेकर अंदरुनी विरोध पनपता जा रहा है। कुछ समय पूर्व समिति की बैठक हुई थी उसमें भी चुनाव कराए जाने का मामला उठा था।
इनका कहना है
-मानस भवन के चुनाव कराने के लिए जल्द ही प्लान बनाएंगे
-समिति ने उनको व कोषाध्यक्ष को मानस भवन के सामने दुकानें लगाने के लिए पहले ही अधिकृत कर रखा है।उसी निर्णय के तहत दो सौ रुपए रोज पर मानस भवन के गेट पर दो दुकानें लगाने के लिए दी गई हैं, पूजा-सामग्री बेचने वाले साल में एक बार आते हैं, किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।यातायात तो ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहा है। मानस भवन के चुनाव के लिए तो हम पांच साल से समिति के अध्यक्ष तत्कालीन कलेक्टरों को पत्राचार करते रहे हैं, लेकिन कलेक्टर ही स्वयं चुनाव नहीं करा रहे हैं।
हरिशंकर विजयवर्गीय सचिव मानस भवन संचालन समिति