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राजस्थान सीमा तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क को मिली मंजूरी,तो जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने पर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जन परिवहन योजनाओं से दक्षिण हरियाणा और विशेष रूप से गुरुग्राम में विकास और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी...

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cm manohar lal khattar

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(हरियाणा):राजस्थान सीमा तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क स्थापित करने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम्स (आरआरटीएस) परियोजना को हरी झंडी दे दी है। हाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय हुआ जिसमें गुरूग्राम के सांसद एंव केंद्रीय योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी इस बैठक में मौजूद थे।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जन परिवहन योजनाओं से दक्षिण हरियाणा और विशेष रूप से गुरुग्राम में विकास और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी। आरआरटीएस परियोजना का मार्ग पुरानी दिल्ली रोड के साथ साथ गुरुग्राम के लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक तक इलेवेटेड होगा। इसके बाद दिल्ली जयपुर सिग्नेचर टॉवर चौक तक यह जाएगा और फिर नेशनल हाइवे 48 के पास से गुजरते हुए राजीव चौक पहुंचेगा।

यह होगी परियोजना की लागत

जानकारी के अनुसार खेड़की दौला तक यह अंडरग्राउंड मार्ग से होगा और आईएमटी मानेसर तक होते हुए एनएच राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ साथ धाहेरूडा, रेवाडी और बावल तक जाएगा और राजस्थान सीमा पर समाप्त होगा। इस हाई स्पीड रेल की औसत स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस परियोजना के पहले चरण की लागत करीब 25,000 करोड़ रुपए होगी इस परियोजना को एनसीआर ट्रांसपोर्ट कार्प (एनसीआरटीसी) संचालित करेगी। यह उत्तर प्रदेश, हरियाणा,राजस्थान और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का संयुक्त उद्यम है।

हरियाणा में अफसरों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच शिष्टाचार पर चर्चा

हरियाणा में अफसरों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच शिष्टाचार पर चर्चा छिड गई है। सरकार ने अफसरों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे निर्वाचित विधायकों एवं सांसदों के प्रति सम्मान का प्रदर्शन करें। सरकार के इन निर्देशों के पक्ष में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज खुल कर बोले है। उन्होंने कहा है कि विधायक का दर्जा तो मुख्य सचिव से भी बढकर है। लेकिन अन्दरखाते से ऐसी खबरें आ रही है कि अफसरों में इन निर्देशों से रोष है।