26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागता था, लाइव लोकेशन से रखता था नजर; गुरुग्राम के करोड़पति बिजनेसमैन को कोर्ट से नहीं मिली जमानत

Gurugram Businessman Denied Bail: अहमदाबाद कोर्ट ने गुरुग्राम के करोड़पति बिजनेसमैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सीए पत्नी ने पति पर मैरिटल रेप, अप्राकृतिक संबंध और प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

3 min read
Google source verification
Marital Rape Cigarette Burns Case

AI द्वारा बना प्रतीकात्मक फोटो

Marital Rape Cigarette Burns Case: गुरुग्राम के करोड़पति बिजनेसमैन को कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया। दरअसल, इस बिजनेसमैन पर उसकी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पत्नी ने बार-बार मैरिटल रेप (वैवाहिक बलात्कार), जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध, क्रूरता और दहेज उत्पीड़न के रूह कंपाने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागता था।

आपको बता दें कि इस मामले में गुजरात की अहमदाबाद सिटी सेशंस कोर्ट ने सोमवार सुनवाई चल रही थी। आरोपी बिजनेस मैन ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने गुरुग्राम के एक रसूखदार और करोड़पति बिजनेसमैन की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, 'शादी के बाद से ही आरोपी अपनी पत्नी को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। हद तो तब हो गई जब पीड़िता अपने मायके जाने के लिए एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रही थी, तब भी आरोपी उसे लगातार वीडियो कॉल और चैट कर प्रताड़ित कर रहा था। वह वीडियो कॉल पर नजर रखता था और पूछता था कि उसके बगल में कौन बैठा है, उसकी उम्र क्या है? वह हर वक्त उस पर नजर रखता था।'

जानिए क्या था मामला?

करोड़पति बिजनेस मैन की शादी साल 2022 में हुई थी। अहमदाबाद में रह रही पीड़िता ने पिछले साल इस संबंध में अहमदाबाद डीसीबी (DCB) क्राइम ब्रांच में अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की तो आरोपी बिजनेसमैन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने अग्रिम जमानत याचिका में खुद को एक 'बिजनेस टाइकून और मल्टीमिलियनेर' बताते हुए कहा था कि वह बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट गेस्ट हाउस का बिजनेस चलाता है। हालांकि, हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद आरोपी के पास कोई रास्ता नहीं बचा और उसने इसी महीने पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया था, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। सोमवार को नियमित जमानत के लिए उसने सेशंस कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसका सरकारी वकील सुधीर ब्रह्मभट्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ा विरोध किया।

वीडियो कॉल कर पूछता था- 'बगल में कौन बैठा है?'

जब कोर्ट में इस केस की सुनावई पूरी होने के बाद सिटी सेशंस जज पी. बी. पटेल ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी पति की सनकी और शक्की हरकतों को लेकर बेहद तल्ख टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि पीड़िता को उसके पति द्वारा लगातार 'डिजिटल निगरानी' में रखा जाता था। आदेश के मुताबिक, 'पीड़िता जब भी किसी काम से घर से बाहर या किसी अन्य जगह जाती थी, तो उसे अनिवार्य रूप से अपने पति को अपनी 'लाइव लोकेशन' और वहां की तस्वीरें भेजनी पड़ती थीं। इसके साथ ही उसे यह भी बताना पड़ता था कि उसके आसपास कौन-कौन से लोग मौजूद हैं।' इसके अलावा, जज ने जबरन शारीरिक संबंध बनाने और अप्राकृतिक यौन शोषण के आरोपों को बेहद गंभीर और जघन्य माना। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह पत्नी के शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का एक सटीक और गंभीर मामला है, इसलिए आरोपी को जमानत का कोई लाभ नहीं दिया जा सकता।

पहली पत्नी ने भी लगाए थे हूबहू यही आरोप

इस मामले में हद तो तब हो गई पता चला कि यह आरोपी की दूसरी शादी थी और उसने पहली शादी की बात छिपाई थी। पीड़िता को बाद में पता चला कि उसकी पहली पत्नी ने भी उस पर और उसके परिवार पर हूबहू इसी तरह के गंभीर, अमानवीय और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिसके चलते उनका तलाक हुआ था। फिलहाल, अहमदाबाद डीसीबी क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

बड़ी खबरें

View All

गुडगाँव

हरियाणा

ट्रेंडिंग