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(गुरुग्राम): साइबर सिटी में तीन साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद ताजा कर दी है। आरोपी युवक सुनील ने रविवार को बच्ची का अपहरण किया और हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। दुष्कर्म के बाद आरोपी ने बच्ची के निजी अंगों में लकड़ी डाल दी। इससे भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने ईंट से बच्ची के सिर को कुचल दिया। अब पुलिस ने इस दरिंदे को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी का गठन करते हुए दो लाख का इनाम रखा है।
इन लोगों को किया गया एसआईटी टीम में शामिल
पुलिस आयुक्त केके राव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवक की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि डीसीपी सुमित कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है, जिसमें एसीपी क्राइम शमशेर सिंह, एसीपी उषा कूंडू, इंस्पेक्टर नरेश कुमार, नरेंद्र कुमार, सतबीर सिंह तथा सब इंस्पेक्टर राजकुमार इंचार्ज और सुमन को शामिल किया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो लाख का इनाम भी रखा है।
सेक्टर-66 की झुग्गियों में रहने वाली बच्ची रविवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे वह झुग्गी के बाहर से लापता हो गई थी। परिवार ने उसे काफी देर तक ढूंढा, लेकिन वह कहीं भी नहीं मिली तो थक हार कर परिवार सो गया। सोमवार को बच्ची झाडिय़ों में खून से लथपथ मिली। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी मौका पर पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने बच्ची की मां की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के झांसी के पास गंज गांव के रहने वाले आरोपी सुनील (20) के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है। आरोपी सुनील की दो बहने भी पास में रहती है। पुलिस ने उनसे भी जानकारी जुटाई है। शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर के मुताबिक बच्ची के शरीर पर कई घाव हैं, जिनमें दो घाव बड़े हैं। बच्ची के आंतरिक अंग में लकड़ी डालने और सिर पर चोट मारने की वजह से उसकी मौत हुई है।
Published on:
13 Nov 2018 08:31 pm
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