
असम बाढ़ में पेड़ पर फंसे मासूम की दर्दभरी पुकार, फोटो सोर्स- एक्स @nd24_news ( Enhance by AI )
Nazira flood viral video tree rescue: असम के शिवसागर और चराईदेव जिलों में आई जल प्रलय ने तबाही का ऐसा खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है, जिसे देखकर हर किसी की रूह कांप जाए। पड़ोसी राज्य नगालैंड की पहाड़ियों से भारी मात्रा में आए पानी के भयानक बहाव ने सैकड़ों गांवों को जलमग्न कर दिया है। नजीरा कस्बे के पास स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए भूखे-प्यासे छतों और पेड़ों की डालियों पर रात काटने को विवश हैं।
आपदा के इस खौफनाक दौर के बीच नजीरा से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित हुलंग काटोनी गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक छोटा बच्चा हाथ में पेड़ का पत्ता लिए हुए रुंधे गले से कहता है कि हमने कल से कुछ नहीं खाया है, अब हम पत्ते खाकर पेट भर रहे हैं।'
बता दें कि वीडियो में बच्चे की मां और परिवार के अन्य सदस्य भी उसी पेड़ की टहनियों पर सहारा लिए बैठे दिखते हैं। उफनते पानी के बीच पूरी रात बारिश में पेड़ पर गुजारने वाले इस परिवार के एक सदस्य ने बताया कि लगातार भीगने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन नीचे हर तरफ सिर्फ और सिर्फ पानी का कब्जा है।
क्षेत्र में आई इस जल-विभीषिका पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नजीरा के पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया ने सरकार से तुरंत दखल देने की गुहार लगाई है। वायरल वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि जलस्तर इतनी तेजी से ऊपर उठ रहा है कि वह छतों को छूने लगा है।
सैकिया ने असम सरकार, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित इलाकों में फौरन भारतीय सेना, NDRF और SDRF की टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि नजीरा के इतिहास में उन्होंने कभी ऐसी विनाशकारी और भयावह बाढ़ नहीं देखी है, जहां दुधमुंहे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग बिना भोजन व पानी के छतों पर तड़पने को मजबूर हों।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप होने और मोबाइल नेटवर्क बंद पड़ने से हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। फोन की बैटरियां डिस्चार्ज होने के कारण फंसे हुए लोग अपनों या राहत टीमों तक अपनी लोकेशन भी नहीं भेज पा रहे हैं।
नजीरा सर्किल के सुंदर पुखुरी कलिता गांव, सुंदरपुखुरी हुलंग गांव और निर्मोलिया गांव की हालत सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई है। यहां रविवार से ही करीब 1,000 से अधिक परिवार जलमग्न छतों पर फंसे हुए हैं। चारों तरफ सड़कों का नामोनिशान मिट चुका है और पानी की प्रचंड धारा के कारण नावों से भी रेस्क्यू चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
Updated on:
21 Jul 2026 03:16 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:16 pm
