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BRICS देशों के ड्रग कंट्रोल प्रमुखों की मेजबानी करेगा भारत, कल से गुवाहाटी में होगी बैठक

BRICS Anti-Drug Agencies Meeting Guwahati: भारत 6 और 7 जुलाई को असम के गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों के एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक का मकसद नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने में सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
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BRICS Anti-Drug Agencies Meeting

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BRICS Anti-Drug Agencies Meeting: इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट और नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए 6 और 7 जुलाई को ब्रिक्स देशों की एक बैठक होने वाली है। भारत असम के गुवाहाटी में इस बैठक की मेजबानी करेगा। गृह मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य देशों की एंटी-ड्रग एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी इस दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद सदस्य देशों के बीच तालमेल को मजबूत करना और ड्रग कंट्रोल एजेंसियों के बीच ऑपरेशनल लेवल पर सहयोग बढ़ाना है। बैठक के दौरान ड्रग तस्करी, इंटरनेशनल नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर होगी चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, भारत की BRICS अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक के दौरान मुख्य रूप से तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा होगी।

  • सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर (ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन) के गलत इस्तेमाल या तस्करी को रोकना।
  • खुफिया जानकारी साझा करना और ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करना।
  • क्षमता निर्माण और संस्थागत सहयोग को बढ़ाना।

डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी जैसी चुनौतियों पर छह सत्र

मंत्रालय ने बताया कि हाल के समय में ड्रग्स की तस्करी के तरीकों में काफी बदलाव आया है। नए साइकोएक्टिव पदार्थों (NPS), डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इन मुद्दों से निपटने के लिए, दो दिनों में खास विषयों पर छह विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

  • ड्रग्स को तुरंत रोकने (real-time interdiction) के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल।
  • डार्कनेट पर ड्रग्स की तस्करी को पूरी तरह खत्म करना।
  • नए साइकोएक्टिव पदार्थों (NPS) से निपटना।
  • केमिकल के रिसाव और प्रीकर्सर के गलत इस्तेमाल के खिलाफ ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करना।
  • संस्थागत तंत्र को मजबूत करना और ड्रग्स की मांग को कम करने के लिए विशेष उपाय लागू करना।

नागपुर में 9 से 12 जुलाई के बीच ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप की बैठक

वहीं, महाराष्ट्र के नागपुर में 9 से 12 जुलाई के बीच तीसरे ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट वर्किंग ग्रुप की बैठक का आयोजन किया जाएगा। 4 दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मलेन में समूह के 11 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रत्येक देश से 1 मंत्री और 3 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इससे पहले गुरुग्राम में हुई थी ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक

इससे पहले, 26 जून को हरियाणा के गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और नवाचार से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच पर जुटे।

‘सभी के लिए ऊर्जा’ थीम पर होगा फोकस

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी (ब्रिक्स)’ है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए भारत ने ‘सभी के लिए ऊर्जा’ विषय को अपनाया है, जो वैश्विक स्तर पर ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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