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Rahul Gandhi Education Campaign: ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू, जयराम रमेश बोले- शिक्षा पर सरकार से ज्यादा खर्च कर रहे परिवार

Jairam Ramesh latest statement : राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' मुहिम ने खोला मोर्चा; कोटा की हकीकत बयां कर सरकार की शिक्षा नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल।
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नई दिल्ली

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Manoj Vashisth

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Updated: 5 Jul 2026, 1:25 PM IST

Chhatron Ki Goonj campaign

Chhatron Ki Goonj campaign

Chhatron Ki Goonj campaign: देश की शिक्षा व्यवस्था और लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस ने युवाओं के हित में एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। पार्टी ने देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य केवल परीक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर करना नहीं है, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की उन गहरी संरचनात्मक समस्याओं पर सवाल उठाना भी है, जिनका सीधा असर मिडिल क्लास परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

शिक्षा के लिए आम लोगों की जेब पर पड़ रहा दबाव

कांग्रेस का दावा है कि मौजूदा शिक्षा तंत्र में व्याप्त अनियमितताएं और बार-बार होने वाले पेपर लीक युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं और इससे छात्रों का भरोसा सिस्टम पर कमजोर हो रहा है। पार्टी के अनुसार, शिक्षा अब केवल ज्ञान का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह एक महंगा और बोझिल ढांचा बनती जा रही है, जिससे आम परिवारों की जेब पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

अभियान के संदर्भ में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर नहीं है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के दावे जमीन पर प्रभावी रूप से नजर नहीं आते। जयराम रमेश ने राहुल गांधी के कोटा दौरे का उल्लेख करते हुए भी कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।

छात्रों की गूंज का उद्देश्य

कांग्रेस का यह ‘छात्रों की गूंज’ अभियान आने वाले समय में शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विमर्श को और तेज करने की संभावना रखता है।

राहुल गांधी का कोटा दौरा

राहुल गांधी 17 जून 2026 को कोटा गए थे, जहां उन्होंने दशहरा मैदान पर छात्रों से 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत संवाद किया था। कोटा कोचिंग हब होने के कारण वे NEET पेपर लीक, परीक्षा घोटालों, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और युवाओं की समस्याओं को उठाने तथा कांग्रेस का छात्र-केंद्रित अभियान शुरू करने गए थे। कार्यक्रम में बड़ी भीड़ हुई, लेकिन BJP ने इसे राजनीतिक सियासत बताया।