
नीट (File Photo)
केंद्र सरकार (Central Government) की तरफ से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बताया कि नीट परीक्षा प्रणाली (NEET Exam System) पूरी फूल प्रूफ है। इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। पेपर तैयार करने से परीक्षा केंद्र पहुंचाने तक पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा जाता है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी - एनटीए (National Testing Agency - NTA) से यूपीएससी (UPSC)जैसी मज़बूत परीक्षा प्रणाली बनाने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नई टेक्नोलॉजी समझने वाले अधिकारियों को एनटीए में शामिल करना चाहिए। साथ ही अनुभवी अधिकारियों के बार-बार ट्रांसफर से बचने की भी सलाह दी। नीट-यूजी परीक्षा में गड़बडियाँ सामने आने और पेपर लीक के बाद सुप्रीम कोर्ट एनटीए में सुधारों की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि वर्तमान एनटीए को भंग कर इसकी जगह एक मज़बूत निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को राधाकृष्णन पैनल, नंदन नीलेकणी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में पूरी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए अपनाई जानी वाली कड़ियों के बारे में बताया।
केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि नीट पेपर की सुरक्षा कई स्तर पर की जाती है। कई सब्जेक्ट एक्सपर्ट प्रश्न बैंक बनाते हैं। अलग-अलग स्तर पर इन्हें चुना जाता है। किसी को नहीं पता कि अंतिम पेपर क्या होगा। 500 सवालों का प्रश्न बैंक 13 भाषाओं में तैयार होता है। पेपर सीलबंद कवर में दो तय प्रिंटिंग प्रेस भेजे जाते हैं। वहाँ सीसीटीवी और सीआईएसएफ की निगरानी रहती है। पेपर ले जाने वाले व्यक्ति के पास डिजिटल चाबी होती है, लेकिन बॉक्स खोलने का कोड उसके पास नहीं होता। पेपर लोहे के बॉक्स में रखे जाते हैं, जिसे तोड़े बिना नहीं खोल सकते। 24 पेपर के पैकेट में सवालों का क्रम अलग-अलग होता है। पैकेट पर वॉटरमार्क नंबर, शहर, केंद्र और पैकेट नंबर दर्ज होता है। पेपर के दो सेट अलग-अलग बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे जाते हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। बैंक से परीक्षा केंद्र तक पेपर ले जाने वाली गाड़ी में जीपीएस लगा होता है। उसकी छोटी से छोटी गतिविधि रिकॉर्ड होती है। परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले बॉक्स खोला जाता है। इसकी वीडियोग्राफी भी होती है। हर कक्षा के 24 छात्रों के लिए अलग पैकेट होता है।
Updated on:
20 Aug 2026 03:17 am
Published on:
20 Aug 2026 03:17 am
