
चुनिंदा पत्रकारों को टेबलेट बांट विवादों में घिरी सोनोवाल सरकार, लगा भेदभाव का आरोप,चुनिंदा पत्रकारों को टेबलेट बांट विवादों में घिरी सोनोवाल सरकार, लगा भेदभाव का आरोप
(गुवाहाटी,राजीव कुमार): असम की भाजपा सरकार (Assam Government) ने लाभार्थियों का चुनाव करने के लिए बिना कोई नीति अपनाए कुछ चुनिंदा पत्रकारों को दो सौ टेबलेट बांट दिए। इसके बाद से सरकार विवादों में घिर गई है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल (sarbananda Sonowal) के अधीन आने वाले जनसंपर्क विभाग ने वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 में चुनिंदा पत्रकारों को ये टेबलेट दिए। विभाग ने सूचना उपलब्ध कराते हुए कहा है कि इसके लिए किसी कसौटी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। ये किस योजना के तहत दिए गए, इस बारे में भी कोई सूचना नहीं है। साथ ही विभाग ने कहा कि टेबलेट देने के लिए पत्रकारों की सूची किसने तैयार की इसकी भी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। आर कुमार द्धारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ।
पत्रकारों के साथ किया गया भेदभाव...
आर कुमार ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर अपने चहेते पत्रकारों को खुश करने की कोशिश की गई। विभाग ने वरिष्ठ मान्यता प्राप्त पत्रकारों को इससे वंचित रखा। उन्हें सत्ता विरोध होने के चलते इससे दूर रखा गया। कुमार ने कहा कि जनता के पैसे का सही ढंग से इस्तेमाल होना चाहिए। नीति तय कर दिया जाना चाहिए। लेकिन सबको ताक पर रखकर भेदभाव किया गया।
कुमार कहते हैं कि नियम के तहत दिए जाते तो कहने का कुछ नहीं था। तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भी नीति के तहत पत्रकारों को लेपटॉप दिए थे। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक मीडिया हाउस से पत्रकारों के नाम देने को कहा और उस अनुसार सबको दिए। कुमार कहते है कि पत्रकार सम्मेलन में अक्सर तीखे सवालों से गोगोई बौखला जाते थे लेकिन उन्होंने न तो पत्रकार सम्मेलन में जाने पर पाबंदी लगाई और न ही लेपटॉप देने में सोनोवाल सरकार की तरह भेदभाव किया।
Published on:
19 Oct 2019 04:13 pm
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