8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चा चोर गिरोह समझ भीड ने किया हमला, सेना के जवानों ने तीन साधुओं को बचाया

सेना के जवानों ने असम के डिमा हसाओ जिले में तीन साधुओं को बच्चा चुराने का गिरोह समझकर किए गए हमले से बचा लिया

2 min read
Google source verification
sadhu attack

sadhu attack

(राजीव कुमार की रिपोर्ट)

गुवाहाटी। सेना के जवानों ने असम के डिमा हसाओ जिले में तीन साधुओं को बच्चा चुराने का गिरोह समझकर किए गए हमले से बचा लिया। तीन साधुओं को माहुर रेलवे स्टेशन पर उग्र भीड़ ने घेर लिया था। एक अन्य घटना में डिमा हसाओ के मुख्यालय हाफलांग में अन्य तीन अन्य जनो को उग्र भीड़ से बचाया गया। पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोग बच्चा चुराने के गिरोह के सक्रिय रहने की अफवाह से आशंकित हैं इसलिए यह दोनों घटनाएं घटी।

तीन साधुओं को समझा बच्चा चोर

पुलिस ने बताया कि उत्तरप्रदेश के तीन साधु हरांगजाओ से माहुर स्टेशन पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बच्चा चुरानेवाला साधु गिरोह समझकर उनसे पूछताछ की और झगड़ा करते हुए मारपीट शुरु कर दी। कुछ लोगों ने रेलवे स्टेशन के पास स्थित सेना जवानों को इसकी सूचना दी तो सेना जवानों ने आकर एक साधु को बचाया जबकि दो भाग निकले। लेकिन स्थानीय लोगों ने आधा किलोमीटर दूर इन्हें भी पकड़ा और सेना के हवाले किया। तीन साधुओं की उम्र 26 से 31 साल है। इनकी पहचान गौतम बुद्ध नगर के शिव भान, इलाहाबाद के अमरगिरी और पाटन के महंत सुनीपुरी के रुप में हुई है। इन साधुओं को पहले सेना के शिविर में और बाद में माहुर पुलिस थाने पूछताछ के लिए ले जाया गया।

तीन जनो पर हमला


हाफलांग में भी स्थानीय निवासियों ने तीन अनजान लोगों पर बच्चा चुराने की आशंका कर हमला किया। इन घटनाओं को देखते हुए डिमा हसाओ के जिला उपायुक्त अमिताभ राजखोवा और पुलिस अधीक्षक प्रशांत सैकिया ने हाफलांग में स्थानीय समुदाय से बैठक कर इस तरह की अफवाहों से उत्पन्न होनेवाली स्थिति को रोकने की अपील की। इसके लिए एक हेल्पलाइन भी खोली गई है। उल्?लेखनीय है कि कार्बी आंग्लांग के डकमका में पिछले महीने गुवाहाटी के दो युवकों की बच्चा चुरानेवाला सदस्य बताकर हत्या कर दी गई थी।