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करोड़ों से बने अमृत के पार्कों की हालत खराब, निगम ने नहीं लिया हैंडओवर

अनदेखी : कई जगह सूख चुकी है घास, टाइल्स भी उखड़े  
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करोड़ों से बने अमृत के पार्कों की हालत खराब, निगम ने नहीं लिया हैंडओवर

ग्वालियर. शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर अमृत योजना के तहत बनाए गए दोनों ही पार्कों की हालत खराब है। बारिश होने के बावजूद कई पेड़ सूख गए हैं, कहीं घास गायब है तो कहीं पर बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसके अलावा पार्क में बनाए पाथ वे की टाइल्स भी धंसक गई हैं। दोनों पार्क वीरान पड़े हैं इनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। अमृत के तहत पार्क बनाकर यूं ही छोड़ दिया और नगर निगम ने भी अभी तक इन्हें हैंडओवर नहीं लिया है, जिसके कारण ये बदहाल हो रहे हैं।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में सीवर और पानी की लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है इसके साथ प्रोजेक्ट के तहत करीब 10 करोड़ की लागत से पार्क बनाए जाना थे, जिसमें से 2.5 करोड़ की लागत से 2 पार्क रामदास घाटी और डीडी नगर में करीब 11 महीने पहले निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। निर्माण के बाद से ही यह पार्क अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। गर्मियों में न तो अमृत के तहत इन पार्कों की देखभाल की गई और न ही नगर निगम ने इनकी ओर ध्यान दिया, जिसके कारण यहां लगे पेड़ पौधे सूख गए, शहर में मानसून आने के बावजूद यहां पौधरोपण नहीं किया गया। डीडी नगर में पार्क में पाथ वे पर टाइल्स लगाई गई थीं जो कि कई जगहों पर धंसक गई हैं जिससे यहां लोगों को परेशानी हो रही है।
पार्क में कचरे के ढेर
डीडी नगर पार्क में रोजाना सुबह और शाम को लोग घूमने आते हैं। पार्क के पास में ही फूड वैन भी लगा ली गई हैं, जिसका कचरा पार्क में ही डाल दिया जाता है। इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। वहीं पार्क के बाहर भी कचरे के ढेर लग जाता है।

नहीं बने कोर्ट
पार्क में खेलों के लिए अलग-अलग कोर्ट बनाए जाना थे, जिसके तहत क्रिकेट, वालीबॉल, बैडमिंटन कोर्ट बनना था। क्रिकेट के लिए पिच तो बना दी है लेकिन वालीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट अभी तक नहीं बनाया गया है। मैदान पर जो घास है वह भी बहुत बड़ी हो गई है और उसकी कटाई भी नहीं की गई है।

सुरक्षा के नहीं इंतजाम
पार्कों में सुरक्षा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। रात में असामाजिक तत्वों का जमघट हो जाता है और लोग शराब भी पीते हैं। आसपास के रहवासियों ने शिकायत भी की है लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

&अमृत के तहत सिर्फ निर्माण कार्य होना था वह बहुत पहले ही हो चुका है नगर निगम ने ठेकेदार को कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी दे दिया है। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है। जहां तक बैडमिंटन कोर्ट की बात है तो हमें सिर्फ सीसी करना था, बाकी का काम नगर निगम द्वारा किया जाएगा।
अखिलेश्वर सिंह, आरई, पीडीएमसी, अमृत
&पार्कों के मेंटेनेंस के लिए जल्द ही टेंडर बुलाएंगे। जो भी कमियां हैं उन्हें भी दूर किया जाएगा।
मुकेश बंसल, पार्क अधीक्षक