
artificial intelligence jobs in india
ग्वालियर। मप्र डीटीइ (Directorate Of Technical Education) काउंसलिंग से इंजीनियरिंग संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया 25 अक्टूबर को समाप्त हो गई। इंजीनियरिंग की ब्रांचो में सबसे ज्यादा रुझान कम्प्यूटर साइंस से जुड़ी ब्रांच में रहा। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, कम्यूटर साइंस एवं डिजाइन, आइओटी, साइबर फिजिकल सिस्टम शामिल हैं। इन ब्रांच में 100 परसेंट सीट्स फुल हो गईं।
वहीं कोर ब्रांच सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, केमिकल, ऑटोमोबाइल, बायोमेडिकल ब्रांच में सीट्स अभी भी 30 से 40 परसेंट तक खाली हैं। सीएस-आइटी में छात्र-छात्राओं का रुझान बढ़ने का कारण यह भी है कि आगे आने वाले कई वर्षों तक कम्प्यूटर तकनीकी का लगातार विकास होना है। प्लेसमेंट की सम्भावना अच्छी है। विदेश जाने की संभावना ज्यादा हैं। जॉब सेलरी का पैकेज लाखों से करोङ़ों तक पहुंच चुका है।
कम्प्यूटर साइंस एवं डिजाइन (सीएसडी)
इसका उद्देश्य ऐसे स्नातकों को विकसित करना है, जो न केवल कम्प्यूटिंग दृष्टिकोण, उपकरण और प्रौद्योगिकियों के साथ अच्छी तरह से वाकिफ हैं, बल्कि डिजाइन दृष्टिकोण और नई मीडिया प्रौद्योगिकियों व उपयोगों के साथ भी अनुभवी हैं। यह पाठ्यक्रम छात्रों को उनके लिए सबसे उपयुक्त कार्यक्रम बनाने में सक्षम बनाता है। कार्यक्रम छात्रों को आइटी उद्योग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया उद्योग जैसे गेमिंग, एनिमेशन, वर्चुअल ऑगमेंटेड रियलिटी आदि में काम करने के लिए तैयार करता है।
मशीन लर्निंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
यह स्पष्ट प्रोग्रामिंग के बिना एक स्व शिक्षण मोड में ले आता है। जब नया डेटा फीड किया जाता है तो ये कम्प्यूटर अपने आप सीखते हैं, बढ़ते हैं, बदलते हैं और विकसित होते हैं। मशीन लर्निंग का उपयोग कई जगहों पर किया गया है जैसे सेल्फ. ड्राइविंग, गूगल कार, अमेजन से सुझाव देना और साइबर धोखाधड़ी का पता लगाना आदि। उद्योग प्रक्रियाओं में स्वचालन लाने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवं डेटा साइंस
यह डेटा के संग्रह, वर्गीकरण, रणनीति, विश्लेषण और व्याख्या पर केंद्रित है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डेटा साइंस उन लोगों के लिए एक कोर्स है, जो व्यावसायिक समाधान विकसित करना चाहते हैं। बिग डेटा सॉल्यूशंस ने बिजनेस मॉडल बनाने और चलाने के तरीके को बदल दिया है। यह अध्ययन विनिर्माण, ई-कॉमर्स, बैंकिंग, वित्त, परिवहन और स्वास्थ्य सेवा उद्योग में बहुत योगदान देता है।
आइओटी ब्रांच
यह सेंसर नेटवर्क एवं स्मार्ट सॉल्युशन बनाने पर जोर देती है। स्मार्ट होम, स्मार्ट सिटी, स्मार्ट डिवाइस पर आधारित यह ब्रांच टचलेस सिस्टम बनाने का नया इंजीनियरिंग है। इन क्षेत्रों में अपार सम्भावनाओं की वजह से छात्र इन ब्रांचेज को लेने के लिए आतुर हैं।
हर साल की तरह इस बार भी सीएस-आइटी से जुड़े ब्रांच को स्टूडेंट्स ने पसंद किया। शहर में इनकी सीट्स फुल हो चुकी हैं। वहीं कोर ब्रांच में अभी भी सीट्स 30 से 40 परसेंट तक खाली हैं। अब प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
डॉ. मनीष दीक्षित, चेयरमैन, काउंसिल कमेटी
Updated on:
27 Oct 2022 03:40 pm
Published on:
27 Oct 2022 03:31 pm
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