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Assembly Elections: अब चुनाव में नहीं होगी फर्जी वोटिंग, घर-घर पहुंचाई जाएगी ‘इन्फॉर्मेशन स्लिप’, नहीं होगी फोटो

-बीएलओ घर-घर पहुंचाएंगे स्लिप, साथ ले जाना पड़ेगा पहचान पत्र-अब वोटर पर्ची की जगह मिलेगी वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप, इसमें फोटो नहीं होगी

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Assembly Elections

ग्वालियर। विधानसभा चुनाव 2023 में मदताता के घर वोटर पर्ची नहीं पहुंचेगी। इस बार वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप पहुंचाई जाएगी। इस स्लिप में मतदाता का फोटो नहीं होगा। वोट से संबंधित जानकारी रहेगी, जैसे कि पोलिंग बूथ, वोटर लिस्ट में नाम किस नंबर पर है। पोलिंग बूथ का नक्शा आदि रहेगा। जबकि वोटर पर्ची में मतदाता का फोटो भी रहता था। इस पर्ची के आधार पर वोट डाल लेेते थे, लेकिन वोट इन्फॉर्मेशन पर्ची के चलते मतदाता को अपना पहचान पत्र साथ ले जाना पड़ेगा, जो चुनाव के वक्त निर्वाचन आयोग सूची जारी करता है।

दरअसल, चुनाव से पहले बीएलओ मतदाताओं के घर-घर वोटर पर्ची पहुंचाते हैं। इस वोटर पर्ची से मतदाता को उसके वोट की जानकारी मिल जाता थी, लेकिन इस पर्ची में जो फोटो आता था, वह काफी धुंधला व अस्पष्ट होता था। मतदाता इस पर्ची के माध्यम से वोट डालने के लिए पहुंच जाते थे, जिसके चलते फर्जी वोटिंग की भी संभावना बढ़ जाती थी। इस कारण वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप देने का फैसला लिया है। उप निर्वाचन अधिकारी एलके पांडे का कहना है कि बीएलओ इस बार वोटर इन्फोरमेशन स्लिप घर पर पहुंचाएंगे। जिसमें उसके वोट की जानकारी होगी।

सात फीसदी आवेदनों का निराकरण शेष

मतदाता सूची में नाम जोड़ने हटाने व परिवर्तन के जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उसमें सात फीसदी का निराकरण शेष रह गया है। 22 सितंबर तक इन आवेदनों का निराकरण करना होगा। मतदाता सूची का द्वितीय पुनरीक्षण एक अगस्त से 11 सितंबर के बीच किया या। एक लाख 40 हजार 106 आवेदन प्राप्त हुए।

चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए आने लगीं सिफारिशें

विधानसभा चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए अभी से सिफारिशें आना शुरू हो गई हैं। बीमारी का बहाना बनाया जा रहा है। लेकिन प्रशासन के नए आदेश के मुताबिक अब जो अधिकारी कर्मचारी ड्यूटी से छूट चाहते हैं, उन्हें पहले मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराना होगा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा। विभाग प्रमुख के माध्यम से आवेदन भेजना होगा। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार सिंह ड्यूटी से मुक्ति पर सुनवाई करेंगे।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश एवं चुनाव कार्य से मुक्ति के लिए संबंधित शासकीय सेवक को अपने कार्यालय प्रमुख द्वारा अनुशंसित कवरिंग लेटर के साथ अपना आवेदन कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 104 में जमा करना होगा।

हर हफ्ते बुधवार व शनिवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक इस कक्ष में सुनवाई की जाएगी। शासकीय सेवकों के उन्हीं आवेदनों पर विचार किया जाएगा, जिनके आवेदन के साथ मेडिकल बोर्ड का सर्टिफिकेट स्पष्ट अभिमत सहित संलग्न होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट में यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारी निर्वाचन ड्यूटी करने में सक्षम हैं या नहीं ।

बुधवार-शनिवार को बैठेगा मेडिकल बोर्ड

स्वास्थ्य संबंधी आवेदनों के निराकरण के लिए मुरार के जच्चा खाना परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय में हर बुधवार, शनिवार को मेडिकल बोर्ड बैठेगा।

कलेक्ट्रेट में यह लेंगे आवेदन

कलेक्ट्रेट के कक्ष 104 में प्रात: 10 बजे से तक शाम 5 बजे निर्वाचन कार्य से मुक्ति के संबंध में आवेदन अरविंद धाकरे और अवकाश स्वीकृति एवं मुख्यालय छोड़ने की अनुमति के संबंध में आवेदन राजेन्द्र तारे लेंगे।