
marriage certificate
ग्वालियर। कनाडा निवासी एनआरआइ अनुप्रीत कौर ग्वालियर में विवाह के बाद से मैरिज सर्टिफिकेट के लिए चक्कर लगा रही हैं। बीते एक वर्ष में उन्होंने दो चक्कर में नौ लाख रुपए खर्च कर दिए। इसके बाद भी कलेक्ट्रेट से विवाह प्रमाणपत्र नहीं बना। सोमवार को दिन में भी वे कलेक्ट्रेट आकर अपर कलेक्टर कार्यालय में गई थीं लेकिन किसी अधिकारी-कर्मचारी ने नहीं सुनी।
अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं होने से परेशान महिला सोमवार शाम को केन्द्रीय मंत्री सिंधिया की बैठक के समय कलेक्ट्रेट पहुंची और रोते-रोते अपनी व्यथा और कर्मचारियों के खराब व्यवहार को लेकर बताया। इसके बाद एएसपी हितिका वासल ने पूरे मामले को समझा और फिर अपर कलेक्टर एचवी शर्मा ने तुरंत मामले को लेकर संबंधित कर्मचारियों की तलब किया। इसके बाद अब कनाडा हाईकमीशन से बात करके प्रमाणपत्र संबंधित कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
एनओसी नहीं मिली थी
एचबी शर्मा, अपर कलेक्टर महिला ने इंडियन सिटिजन से महिला किया है। इंडियन एक्ट में सीधे विवाह नहीं करा सकते हैं। कसेंट लेना जरूरी होती है। इस संबंध में एडीएम ने कनाडा हाई कमिश्नर से एनओसी मांगी थी। एनओसी न मिलने की वजह से विवाह प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया था।
यह बताया एनआरआइ ने
इंजीनियर काम कर रही अनुप्रीत कौर कि वे में रहती है और पहले उन्होंने गोहद चौराहा निवासी नवजोत सिंह से वालियर के गुरुद्वारे में विवाह किया था। इसके बाद मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन किया। पत्र न मिल पाने की वजह से दोनों पति पत्नी अलग-अलग रह रहे हैं। अब उनकी चार महीने की बेटी भी है। नियमानुसार अनुप्रीत ही पति को स्पांसर करेगी तब जाकर इस सर्टिफिकेट बनेगा।
इस दौरान वे दो -बार कनाडा से भारत सिर्फ प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आई लेकिन कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों ने उनकी स्थिति को समझे बिना लापरवाह रवैया अपनाए रखा। सोमवार की शाम को कलेक्ट्रेट पहुंची तो मंत्रियों की मौजूदगी में महिला धारियों ने मामले को समझा और दो दिन में निकरण कराने के कान दिया। इसके साथ ही करने पर कारवाई करने भी महिला और उसे कहीं।
Published on:
14 Dec 2021 04:47 pm
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