
ग्वालियर। शहर में महिला प्रताड़ना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पड़ाव स्थित महिला थाना में ही हर रोज 10 से 15 मामले हर रोज आ रहे हैं, जिसमें से अधिकतर मामलों को काउंसिलिंग करके सुलझा दिया जाता है, ताकि किसी का परिवार न बिगड़े। जिन मामलों में महिलाएं कॉउंसलिंग करने से मना कर देती हैं, तब एफआइआर दर्ज कर ली जाती है। कुछ मामलों में परिवार के लोगों द्वारा ही छेड़छाड़, पति द्वारा मारपीट जैसे मामलों में पुलिस तुरंत केस दर्ज कर लेती है। थाने में हर दिन महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले दर्ज किये जाते हैं।
विवाद का कारण रिश्तों में ईगो का आना: अधिकतर मामलों में देखा गया है कि परिवार बिगड़ने और थाने तक मामला पहुंचने का कारण रिश्तों में ईगो का आना है। कई बार महिला या पुरुष के ईगो के कारण परिवार बिगड़ने की स्थिति में पहुंच जाता है और नौबत तलाक तक पहुंच जाती है।
केस-1
थाने में एक संपन्न परिवार का केस आया। रीतू (परिवर्तित नाम ने मामला दर्ज कराया, वह 1 महीने से मायके में थी, पति ने खबर तक नहीं ली। इस मामले में पति-पत्नी के दोनों के बीच अहम आड़े आ रहा था। इसके चलते वे एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे थे।
केस-2
आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण भी घरेलू हिंसा देखने को मिलती है। मजदूरी करने वाला नेकराम (परिवर्तित नाम) 200 रुपये दिनभर में कमा पाता है। पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई कि पति शराब पीने के बाद उससे मारपीट करता है।
केस-3
मीना (परिवर्तित नाम) ने मामला दर्ज कराया, वो जॉब करती है, उसका पति ने एमबीए किया है। लेकिन अब कुछ काम नहीं करता। महिला की पोस्टिंग इंदौर में है। मीना केशव को इंदौर आकर कुछ काम करने के लिए बोलती है, तो वह आत्महत्या की धमकी देता है और घर के कीमती सामानों को बेच देता है। दोनों दंपती के पिता एएसआइ हैं
मामला सुलझाने की कोशिश करते हैं
हमारी पूरी कोशिश रहती है, कॉउंसलिंग कराकर मामले को सुलझा लिया जाये। कुछ केसों में महिलाएं जिनका कोई अपराध नहीं होता उनके खिलाफ भी केस करती हैं। हम महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को काम करने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत भी करते हैं, ताकि कलह को खत्म किया जा सके।
-अनीता शर्मा, थाना प्रभारी, महिला थाना
Published on:
16 Oct 2022 06:08 pm
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