
Congress Leader Amar Singh Suicide Case: कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमरसिंह माहौर (70) के सुसाइड केस में 14 दिन बाद नया मोड़ उनके सुसाइड नोट से आया है। चार पन्ने का सुसाइड नोट बुधवार को उनके परिजन को घर में मिला है। इसमें माहौर ने संदीप सिंह पुत्र चंद्रभानसिंह चौहान समेत जिला अभिभाषक संघ और कलेक्ट्रेट भवन के एक व्यक्ति को मौत का जिम्मेदार बताया है।
अमर सिंह ने नोट में लिखा है धारा सिंह लोधी और संदीप सिंह के बीच जमीन का सौदा कितने करोड़ में हुआ था। इनके बीच क्या लेन देन था। इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। उनके साथ तो साजिश हुई है। उसका जिम्मेदार संदीप और उसके साथी हैं। पुलिस संदीप को गिरफ्तार कर उसके साथ साजिश में शामिल आरोपियों के नाम का खुलासा करे। उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।
माहौर ने उनके नाम से प्रकाशित आम सूचना को कानूनी प्रताडना बताकर उस आदेश की जांच कराने के लिए कहा है। नोट में लिखा है कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है। नोटरी का काम जीवन यापन के लिए किया था, लेकिन इसमें कानूनी जोखिम की समझ शायद उन्हें नहीं थी। इसलिए उन्हें शिकार बनाया गया।
उन्होंने बेटी कीर्ति को हिदायत दी है कि वह कभी नोटरी का काम नहीं करे। बेटी को वह जिंदा रहते पीएचडी पूरी करते देखना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसे संकट में फंसाया गया, जिसका रास्ता सिर्फ मौत थी। उन्होंने बेटी, दामाद और नातिन सहित उनके परिवार से क्षमा मांगी है।
पुलिस ने बताया सुसाइड नोट अमर सिंह माहौर के परिजन को बुधवार को उनके घर में मिला है। अब इसमें लिखी बातों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। पान पत्ते की गोठ (माधौगंज) निवासी अमरसिंह माहौर ने 12 दिसंबर को घर में फांसी लगाई थी। बेटी कीर्ति को उनका शव फंदे पर लटका मिला था। परिजन ने आशंका जताई थी सुसाइड के पीछे 28 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर महाराजपुरा थाने में माहौर के खिलाफ दर्ज एफआइआर होना वजह रही है।
Updated on:
26 Dec 2024 01:04 pm
Published on:
26 Dec 2024 01:03 pm
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