21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आप भी खा रहे हैें चावल की भूसी, लकड़ी और रंग, छापामारी में खुलासा इस ट्रिक से 2 मिनट में पहचाने ये असली है या नकली

खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने बुधवार को दो मसाला फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की। दाना ओली की फैक्ट्री से सैंपल लिए गए, लेकिन दाल बाजार स्थित महामाया पिसाई केंद्र (मसाला फैक्ट्री) रंग, लकड़ी, चावल की भूसी बरामद की। लकड़ी व चावल की भूसी को धनिया में मिलाया जा रहा था, जबकि रंगों को मिर्ची, हल्दी में मिलाकर बेचा जा रहा था। इस ट्रिक से चुटकियों में पहचाने आप जो धनिया यूज कर रही हैं वो असली है या नकली...

2 min read
Google source verification
coriander_powder_real_or_fake_effect_on_health_how_to_identify.jpg

खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने बुधवार को दो मसाला फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की। दाना ओली की फैक्ट्री से सैंपल लिए गए, लेकिन दाल बाजार स्थित महामाया पिसाई केंद्र (मसाला फैक्ट्री) रंग, लकड़ी, चावल की भूसी बरामद की। लकड़ी व चावल की भूसी को धनिया में मिलाया जा रहा था, जबकि रंगों को मिर्ची, हल्दी में मिलाकर बेचा जा रहा था। टीम ने सैंपल लेने के बाद महामाया पिसाई केंद्र को सील कर दिया।

खाद्य विभाग की टीम को मसाला फैक्ट्री (पिसाई केंद्र) पर मिलावट की सूचना मिली थी। इस सूचना पर खाद्य निरीक्षक लोकेंद्र सिंह के नेतृत्व में दल ग्वालियर गृह उद्योग दानाओली पहुंचा। इस पिसाई केंद्र की जांच की। यहां पर मिलावट का सामान नहीं मिला, लेकिन मसालों के सैंपल लिए गए। इसके दाल बाजार के महामाया पिसाई केंद्र पहुंचे। यहां पर मसालों में मिलाए जाने वाला सामान रखा हुआ था। धनिया, हल्दी में लकड़ी पीसकर मिलाई जाती थी, उसका रंग गहरा करने के लिए धनिया में हरा रंग व हल्दी में पीला रंग मिलाया जाता था। मिर्ची में लाल रंग मिलाया जा रहा था। इसके अलावा ऑरेंज रंग भी बरामद किया। ये रंग भी मसालों में मिलाया जाता था। इस केंद्र मिलावटी मसाले तैयार कर बाजार में बेचे जाते थे। यहां से 60 हजार के मसाले बरामद किए। केंद्र को सील कर दिया। सैंपल लेने के बाद इन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा।

ऐसे पहचानें मिलावटी मसाला
खाद्य निरीक्षक लोकेंद्र सिंह का कहना है कि मिलावटी मसालों की पहचान के लिए घरेलू तरीका है। यदि पिसी मिर्ची की शुद्धता घर पर जांच करना चाहते हैं तो उसे पानी में घोले। यदि रंग मिला है तो पानी का रंग लाल हो जाएगा। यदि रंग नहीं मिला है तो मिर्ची पानी में बैठ जाएगी। पानी का रंग नहीं बदलेगा। ऐसे ही हल्दी व धनिया का भी टेस्ट कर सकते हैं।

एक्सपर्ट
मसालों में धूल, लकड़ी, भूसी, रंग आदि की मिलावट है तो वह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। मिलावटी मसाले खाने पर पेट में छाले होना। दर्द व गैस की समस्या होती है। यदि इसका लंबे समय तक सेवन किया जाता है तो लीवर कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है। इसलिए मिलावटी मसालों के सेवन से बचना चाहिए।

- डाॅ. अजय पाल सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर जीआरएमसी

ये भी पढ़ें : जज ने कहा कहानी सुनाकर कोर्ट को घुमाओ मत, स्पष्ट जवाब चाहिए 'सोना उगलने वाली नदी' को सरकार संवारेगी या नहीं! पढ़ें पूरी खबर