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जब तक अतिक्रमण नहीं हटेंगे, मुरार नदी की सफाई के नाम पर खर्च होने वाले पैसे की बर्बादी

जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने स्पष्ट कहा कि जब तक नदी क्षेत्र से अतिक्रमण नहीं हटाए जाते, तब तक सफाई के नाम पर प्रोजेक्ट््स बनाना और बजट खर्च करना जनता के पैसों की खुली बर्बादी होगी।
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कोर्ट की टिप्पणी: जब तक अतिक्रमण नहीं हटेंगे, मुरार नदी की सफाई के नाम पर खर्च होने वाले पैसे की बर्बादी

कोर्ट की टिप्पणी: जब तक अतिक्रमण नहीं हटेंगे, मुरार नदी की सफाई के नाम पर खर्च होने वाले पैसे की बर्बादी

ग्वालियर. मुरार नदी के पुनरुद्धार और सफाई को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बुधवार को नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने स्पष्ट कहा कि जब तक नदी क्षेत्र से अतिक्रमण नहीं हटाए जाते, तब तक सफाई के नाम पर प्रोजेक्ट््स बनाना और बजट खर्च करना जनता के पैसों की खुली बर्बादी होगी। सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिवक्ता ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का हवाला देने की कोशिश की, जिस पर कोर्ट ने असहमति जताई। इसके बाद निगम की ओर से दलील दी गई कि नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। निगम ने अब तक की गई कार्रवाई के दस्तावेज पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
300 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित
भवन अधिकारी के अनुसार एनजीटी के आदेशों के तहत नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान नदी किनारे अवैध मकान और दुकानें, चबूतरे और टीन शेड, बाउंड्रीवॉल, सीएनडी वेस्ट और कचरे के ढेर, अस्थायी अवरोध चिन्हित किए गए, जिनकी संख्या 300 से अधिक पाई गई।
नोटिस देकर बैठे तो नहीं रहे?
हर केस का रिकॉर्ड तलब
हाईकोर्ट ने निगम को एक हफ्ते का समय देते हुए सख्त निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के संबंध में निगम द्वारा उठाए गए कदमों के सभी संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पेश किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि हर एक मामले की ’ऑर्डर शीट’ रिकॉर्ड पर रखी जाए, ताकि यह साफ हो सके कि नगर निगम केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर हाथ पर हाथ रखकर बैठा रहा या उसने कोई प्रभावी जमीनी कार्रवाई भी की है।
संयुक्त सर्वे के दौरान निम्न स्थानों
पर अवैध निर्माण पाए गए

नदी पार टाल (पूर्व दिशा) - 35 मकान
नदी पार टाल (पश्चिम दिशा) - 12 मकान
नदी पार टाल से अजय कुशवाह के मकान तक - 92
नदी पार टाल से संतर तक - 12
नया संतर - 44
जडेरुआ बांध से काल्पी ब्रिज पुल तक - 91
काल्पी ब्रिज से सूर्य मंदिर तक - 15
बालक मंदिर स्कूल के सामने - 3 मकान