
कोच में एयरकंडीशंड काम नहीं करने और लाइट बंद होने पर रेलवे के खिलाफ फैसला
ट्रेन में यात्रा करते समय कई दिक्कतें सामने आती हैं। कभी कोच का एसी काम नहीं करता तो कभी लाइट ही बंद रहती हैं। ऐसे में यात्री परेशान होते रहते हैं और घुटन सहते हुए यात्रा करते हैं। पर अब रेलवे को ऐसी लापरवाही भारी पड़ने लगी हैं। इसके लिए उसे हजारों रुपए का हर्जाना देना पड़ेगा।
ग्वालियर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने ट्रेन के कोच में एयरकंडीशंड काम नहीं करने और लाइट बंद होने पर रेलवे के खिलाफ फैसला सुनाया है। इसमें एक घंटे तक कोच में घुटन सहन करने वाले यात्री को हर्जाने के तौर पर 2200 रुपए देने का आदेश दिया है। रेलवे यह राशि 30 दिन में यात्री को देगा, साथ ही वाद व्यय के तौर पर 3 हजार रुपए अलग से देने होंगे।
आशीष वैशम्पयन ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस के बी-3 कोच में 1045 रुपए में टिकट कराया। वे 16 मई 2022 को ग्वालियर से महोबा के लिए सवार हुए। ट्रेन में एसी व लाइट नहीं चल रही थी जिससे ट्रेन के अंदर उमस हो रही थी। उस समय भीषण गर्मी पड़ रही थी। एसी व लाइट चालू करने की शिकायत की, लेकिन ग्वालियर से झांसी के बीच किसी ने नहीं सुना। इसके बाद झांसी में एसी व लाइट चालू की गई।
उन्होंने एक घंटे तक बिना एसी व लाइट के सफर किया। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान होने की वजह से गर्मी ने बेहाल कर दिया। हेल्पलाइन नंबर 139 पर भी फोन किया। इसके अलावा ई मेल से भी शिकायत की, लेकिन रेलवे ने बिना उन्हें सुने उनकी शिकायत को एकतरफा निराकृत कर दिया।
ऐसे में आशीष उपभोक्ता फोरम में चले गए। फोरम में केस पहुंचने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने इसका जवाब दिया। रेलवे का तर्क था कि एक यात्री के कहने पर एसी की ठंडक में बदलाव नहीं किया जा सकता है। सभी यात्रियों का ध्यान रखना होता है। उन्होंने अपनी शिकायत में इसका उल्लेख नहीं किया है। ठेकेदार को लाइट व एसी चालू करना था। इस गलती के लिए उसके ऊपर 2200 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। इसलिए परिवाद को खारिज किया जाए।
उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि रेलवे ने यात्री को एक घंटे तक बिना एसी व लाइट के सफर कराया। यात्री को जो मानसिक पीड़ा दी गई उसके बदले में पेनल्टी से वसूली 2200 रुपए यात्री को दिए जाएं।
Published on:
10 Dec 2023 02:36 pm
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