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ठंड बढ़ने के साथ बढ़ी कड़कनाथ की डिमांड, डेढ़ हजार चूजे हो रहे तैयार, पूरी नहीं हो पा रही है डिमांड

यहां अब हर साल चूजों के लिए वेटिंग लगने लगी है.....

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Kadaknath chicken chicks

ग्वालियर। कड़कनाथ मुर्गे के चूजों की डिमांड सर्दी बढ़ते ही बढ़ने लगी है। इस कारण चूजे खरीदने वाले लोग दूसरे प्रदेशों से भी यहां पर संपर्क करने लगे हैं। इस महीने नोयडा के एक संस्थान ने कृषि विज्ञान केंद्र से दो हजार चूजों की डिमांड की है, लेकिन यहां पहले से वेटिंग होने से उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कषि विज्ञान केन्द्र में अभी एक महीने में करीब डेढ़ हजार चूजे तैयार हो रहे हैं, जबकि यहां अभी करीब आठ से दस हजार चूजों की डिमांड दिल्ली, राजस्थान, यूपी के साथ श्योपुर, मुरैना के साथ ग्वालियर से आ रही है।

झाबुआ से मिली पहचान

देश में केवल मध्य प्रदेश के झाबुआ में ही कड़कनाथ मुर्गे पाए जाते हैं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कषि विश्वविघालय के वैज्ञानिक झाबुआ कषि विज्ञान केन्द्र से ही वर्ष 2015 अक्टूबर में चूजों को ग्वालियर लाए थे। उसके बाद इन चूजों को यहां पर तैयार किया जाने लगा है। यहां अब हर साल चूजों के लिए वेटिंग लगने लगी है।

अंडों की भी भारी डिमांड

कृषि विज्ञान केन्द्र में इन दिनों अंडों की भी विशेष मांग आ रही है। लेकिन विज्ञान केन्द्र द्वारा यहां से अंडों को नहीं बेचा जा रहा है। इन अंडों से ही चूजे तैयार कराए जा रहे हैं। इसके चलते अंडों की बिक्री नहीं हो रही है। डॉ. राजसिंह कुशवाह, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र का कहना है कि सर्दी में कड़कनाथ की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है। इसके चलते इस समय आठ से दस हजार चूजों की डिमांड आ गई है। यह मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली से भी आई है।

यह होती है कीमत

कड़कनाथ का अंडा- 20 रुपए

कड़कनाथ का चूजा-90 रुपए

कड़कनाथ मुर्गा-700 रुपए

कड़कनाथ मुर्गी-600 रुपए