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संभलकर जमा करें 2000 के नोट, आयकर विभाग से मिल सकता है नोटिस

नोटबंदी के बाद भी ऐसे लोगों को जारी किए थे नोटिस....

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2000 notes

ग्वालियर। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देश पर 30 सितंबर से पूर्व अपनी बैंक शाखा में 2 हजार के कितने भी नोट जमा किए जा सकते हैं। ऐसे में जिन लोगों के पास बड़ी मात्रा में 2 हजार के नोट मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द इन्हें बैंक में जमा करने में जुट गए हैं। यही वजह है कि शहर के बैंकों में हर दिन लोग ऐसे नोट जमा करने पहुंच रहे हैं। अधिक मात्रा में दो हजार के नोट जमा करने वाले ऐसे लोग आयकर विभाग के राडार पर आ सकते हैं और विभाग की ओर से ऐसे लोगों से नोटिस के जरिए नोटों के स्त्रोत की मांग की जा सकती है। नोटबंदी के बाद भी कई लोगों को इसी तरह से आयकर विभाग ने नोटिस थमाए थे।

आयकर विभाग को जानकारी दी जाती है

नितिन पहारिया, सीए का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने बचत खाते में 10 लाख रुपए से अधिक रकम या कोई व्यापारी अपने चालू खाते में 50 लाख रुपए से अधिक की रकम (एक वित्तीय वर्ष में) जमा कराता है, तो बैंक की ओर से उसके एसएफटी (वित्तीय लेन-देन के विवरण) की जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है। ये जानकारी उस व्यक्ति के फॉर्म 26एएस में दिखाई देती है। ऐसे में जब वह व्यक्ति उस दर्शाई गई रकम से आय का रिटर्न दाखिल करता है तो उसका केस स्क्रूटनी में आने की संभावना बढ़ जाती है। नोटबंदी (9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच) बैंकों की ओर से जमा पर्ची अलग (लाल) रंग के साथ अलग से जानकारी भी मांगी जा रही थी।

नोट बदलने के लिए मांगा प्रोपराइटर का साइन और सील

निजी और सरकारी बैंकों में आरबीआइ ने दो हजार के नोट बदले जाने और जमा करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके नोट जमा करने आने वाले लोगों से आइडी प्रूफ के साथ-साथ फॉर्म भी भरवाए जा रहे हैं। इसके अलावा भी दूसरे नियम-कायदे बना रहे हैं। विकास नगर निवासी रामनिवास माहेश्वरी डीडवाना ओली स्थित एक्सिस बैंक शाखा में 25 हजार रुपए जमा करने गए। इसमें 6 नोट दो हजार के और 26 नोट 500 रुपए के थे। बैंक में उनके चाचाजी के नाम से करंट अकाउंट है।

रामनिवास ने डिपॉजिट स्लिप भरकर दी तो कैशियर ने उनसे प्रोपराइटर के हस्ताक्षर और फर्म की सील की मांग की। इस पर रामनिवास ने कहा कि वे तो बाहर हैं और पहले भी उनके खाते में रुपए जमा किए गए हैं। बाद में शाखा प्रबंधक सरिता वशिष्ठ से उन्होंने बात की तो उन्होंने कहा कि यदि ये दोनों नहीं हैं तो खाताधारक से अथॉरिटी लेकर लिखवाकर ले आओ। ऐसे तो कोई भी बाहर का व्यक्ति आकर रुपए जमा कर जाएगा। सुरक्षा कारणों के चलते ही ये जानकारी मांगी जा रही है। बाद में मशीन से उनके 21 हजार रुपए जमा हुए, जिसमें से दो हजार के दो नोट जमा नहीं हो पाए।