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जानें क्या होती है धारा 144 और इसे किस स्थिति में क्यों किया जाता है लागू

देशभर में तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस का कहर

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Dhara 144 Kya Hai : section-144 Know All About Its Provisions in hindi

जानें क्या होती है धारा 144 और इसे किस स्थिति में क्यों किया जाता है लागू

ग्वालियर। देश भर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचाव को लेकर युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन फिर भी यह कम होने का काम नहीं कर रहा है। मध्यप्रदेश में यदि नजर डाली जाए तो यहां अब तक 47 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। साथ ही तीन लोगों की अब तक मौत हो गई है। इसके साथ ही देश व प्रदेश और ग्वालियर चंबल संभाग में धारा 144 और लॉकडाऊन लगा हुआ है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि क्या होती है धारा 144 तो आइए जानते है। धारा 144 को सरकार लागू करती है और यह एक किसी क्षेत्र में लागू की जाती है। यहां हम आपको धारा 144 और इससे जुड़ी अहम जानकारियां बता रहे हैं।

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एक स्थान पर न हो इक_ा
धारा 144 का मुख्य मकसद कई लोगों को एक जगह पर इकठ्ठा होने से रोकना है। सरकार यह धारा तब लागू करती है जब लोगों के इक_ा होने से कोई खतरा हो सकता है अथव दंगे या मारपीट जैसी स्थिति बन सकती है।

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क्या है धारा-144 और कब लगाई जाती है?
सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लगाई जाती है। किसी तरह के सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो। धारा-144 जहां लगती है,उस इलाके में पांच या उससे ज्यादा आदमी एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। धारा 144 लागू होने के बाद इंटरनेट सेवाओं को भी आम पहुंच से ठप किया जा सकता है। यह धारा लागू होने के बाद उस इलाके में हथियारों के ले जाने पर भी पाबंदी होती है। साथ ही शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती कर दी जाती है।

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कब तक लग सकती है धारा-144?
धारा-144 को 2 महीने से ज्यादा समय तक नहीं लगाया जा सकता है। अगर राज्य सरकार को लगता है कि इंसानी जीवन को खतरा टालने या फिर किसी दंगे को टालने के लिए इसकी जरूरत है तो इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस स्थिति में भी धारा-144 लगने की शुरुआती तारीख से छह महीने से ज्यादा समय तक इसे नहीं लगाया जा सकता है।

यह है सजा का प्रावधान
गैर कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंगे में शामिल होने के लिए मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है।

धारा-144 और कफ्र्यू के बीच में क्या है फर्क
यहां बता दें कि सेक्शन (धारा)144 और कफ्र्यू एक चीज नहीं है। कफ्र्यू बहुत ही खराब हालत में लगाया जाता है। उस स्थिति में लोगों को एक खास समय या अवधि तक अपने घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया जाता है। मार्केट, स्कूल, कॉलेज आदि को बंद करने का आदेश दिया जाता है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही चालू रखने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान ट्रैफिक पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहती है। साथ ही शहर की सीमाए सील रहती है और चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रहती है।

ग्वालियर चंबल में लागू है धारा 144
कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग के ग्वालियर,भिंड,मुरैना,दतिया,शिवपुरी और श्योपुर व डबरा में भी धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही ग्वालियर चंबल संभाग के दतिया, ग्वालियर, भिण्ड,मुरैना व डबरा में कोरोना संदिग्ध मिलने और चंबल में दो पॉजिटिव केस मिलने के बाद प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है। साथ ही लोगों से बाहर न निकलने की अपील की है।