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Gwalior News : बिखरा परिवार फिर एक हुआ, पत्नी ने गलती मानी तो पति ने भी भुलाए सारे विवाद

Family Reunite : बेटी की कस्टडी को लेकर दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर हाईकोर्ट में हुआ सुखद अंत, काउंसलिंग से गलतफहमियां दूर हुईं।
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Family Reunite

Family Reunite (बेटी की कस्टडी के लिए कोर्ट गए पति-पत्नी फिर एक हुए Photo Source- AI)

Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच साल की बेटी की कस्टडी को लेकर मां की ओर से दायर हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में एक परिवार फिर से जुड़ गया। सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और वकीलों की काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी ने पुराने विवाद और कड़वाहट भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। मां ने भी एक मामले में अपनी गलती स्वीकार की। अब बच्ची को माता-पिता दोनों का साथ मिलेगा।

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने पांच वर्षीय बच्ची को अहमदाबाद स्थित उसके पिता के घर से बरामद कर हाईकोर्ट में पेश किया था। इससे पहले 10 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट ने बच्ची की अस्थायी कस्टडी मां को सौंपते हुए उसे गुना के वन स्टॉप सेंटर में रहने की अनुमति दी थी। साथ ही बच्ची के पिता, नाना-नानी और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे।

पहले साथ रहने से किया था इनकार

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पति-पत्नी के बीच विवाद की वजहों को समझने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की। मां से जब मकान मालिक के बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनसे गलती हुई है।

कोर्ट ने पति-पत्नी के सामने दोबारा साथ रहने और बेटी के साथ पारिवारिक जीवन शुरू करने की संभावना रखी। हालांकि, उस समय मां ने पति के स्वभाव को लेकर संदेह जताते हुए उनके साथ रहने से इनकार कर दिया था।

15 दिन में अहमदाबाद जाएंगी मां

सुनवाई आगे बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के वकीलों ने भी काउंसलिंग की। बातचीत के दौरान पति-पत्नी के बीच की गलतफहमियां दूर हुईं और दोनों पुराने विवाद भुलाकर साथ रहने के लिए तैयार हो गए। मां ने कोर्ट को बताया कि वह अगले 15 दिनों में अपना सामान समेटकर पति के पास अहमदाबाद चली जाएंगी। तब तक बच्ची पिता की देखरेख में रहेगी।

कोर्ट ने माना सकारात्मक

कोर्ट ने भी परिवार के दोबारा एक साथ आने की स्थिति को सकारात्मक माना। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि अंत अच्छा है तो सब कुछ अच्छा है। इस तरह बच्ची की कस्टडी को लेकर शुरू हुआ विवाद परिवार के दोबारा एक साथ आने के फैसले के साथ सुखद रूप से समाप्त हुआ।