
ग्वालियर. मध्यप्रदेश में कोरोना और डेंगू पर जैसे—तैसे कुछ काबू पाया गया तो अन्य बीमारियां पैर पसारने लगी हैं. मौसम में बदलाव के साथ ही स्किन की बीमारी स्केबीज के मरीज बढ़ गए हैं। शहर के सबसे प्रमुख जयारोग्य चिकित्सालय में ही राेज स्केबीज से पीड़ित 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में राेजाना स्केबीज से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
इन दिनों डेंगू, मलेरिया के साथ स्किन संबंधी इस बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि स्केबीज छुआछूत की बीमारी है यानि इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। स्किन रोग विशेषज्ञों का कहना है कि घर में किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसका ध्यान रखते हुए चेकअप अवश्य करवाना चाहिए।
यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। स्किन विभाग के विशेषज्ञ डाक्टर्स बताते हैं कि स्केबीज बीमारी आमतौर पर सर्दी में अधिक देखने को मिलती है। रात में इसकी दिक्कत और बढ़ जाती है। इससे पीड़ित मरीजों के हाथ-पैरों की अंगुलियों के बीच खुजली होती है. प्राय: नाभि और गुप्तांगों के आसपास लाल दाने आ जाते हैं।
इन लाल दानों में खुजली होती है। हालांकि इलाज के बाद यह बीमारी पूरी तरह ठीक भी हो जाती है। स्केबीज के मरीज को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उसे नियमित नहाना जरूर चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को स्केबीज रोग हो गया हो तो उसके कपड़े, बिस्तर अन्य सदस्यों से अलग रखना चाहिए.
इसी के साथ अच्छी तरह धुले हुए कपड़े पहनने चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि रोगी द्वारा उतारे गए कपड़ों को गर्म पानी में धोना चाहिए। स्केबीज की बीमारी से ग्रसित रोगी के परिवार के सभी सदस्यों को डाक्टर्स से चेकअप कराना चाहिए और जरा भी लक्षण दिखने पर बीमारी से बचाव की दवा लेनी चाहिए।
Published on:
11 Nov 2021 12:45 pm
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