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ग्वालियर के अस्पताल के 4 डॉक्टरों पर FIR, कोरोना टेस्ट किये बिना मरीज को किया था कोविड वार्ड में भर्ती

पड़ाव पुलिस ने 'कल्याण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल' के 4 डॉक्टरों के खिलाफ एफाआईआर दर्ज की है। जानिए क्यों गिरी अस्पताल पर गाज।

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ग्वालियर के अस्पताल के 4 डॉक्टरों पर FIR, कोरोना टेस्ट किये बिना मरीज को किया था कोविड वार्ड में भर्ती

FIR on 4 doctors of Kalyan Multispecialty Hospital Gwalior, patient was admitted to Kovid ward without doing corona test : ग्वालियर के अस्पताल के 4 डॉक्टरों पर FIR, कोरोना टेस्ट किये बिना मरीज को किया था कोविड वार्ड में भर्ती

ग्वालियर. मरीज की ट्रीटमेंट में छेड़छाड़ करना मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित एक निजी अस्पताल प्रबंधन को भारी पड़ गया। पीड़त की शिकायत के आधार पर शहर के पड़ाव थाने में कल्याण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के 4 डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में धारा 420 और कूट रचित दस्तावेज बनाने का केस दर्ज किया है।

पड़ाव पुलिस ने 'कल्याण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल' के 4 डॉक्टरों के खिलाफ एफाआईआर दर्ज की है। शहर के शकुंतलापुरी में रहने वाले डॉक्टर अशोक शर्मा की शिकायत पर कल्याण मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर खुशाली कोटेचा, डॉक्टर राघवेंद्र शर्मा, डॉक्टर आदित्य तिवारी और डॉक्टर अरुण तिवारी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत केस दर्ज किया है।

आपको बता दें कि, डॉक्टर अशोक शर्मा के बेटे सचिन शर्मा को 24 अप्रैल 2021 को फेफड़े में इंफेक्शन होने के कारण कल्याण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने सचिन को RTPCR और रैपिड एंटीजन टेस्ट की जांच कराए बिना ही कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया था। इसके चलते सचिन को कोरोना संक्रमण हो गया था और 9 मई 2021 को संक्रमण के चलते उसकी मौत हो गई थी।


CMHO ने भी नहीं की कार्रवाई

सचिन की मौत के बाद पिता ने कल्याण हॉस्पिटल से सचिन की ट्रीटमेंट फाइल की प्रमाणित प्रति ली। इलाज़ शीट में लापरवाही सामने आने के बाद सचिन के पिता ने ग्वालियर CMHO डॉक्टर मनीष शर्मा से इसकी शिकायत की। इसपर CMHO ने डॉक्टरों की कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में ये पाया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने सचिन की ट्रीटमेंट फाइल में नए ट्रीटमेंट नोट्स लिखे गए थे जो की प्रमाणित प्रतिलिपि में अंकित नहीं थे। रोगी को कोरोना संक्रमण की किसी विश्वसनीय जांच से पुष्टि ना होने पर भी कोविड सेंटर में संक्रमित रोगियों के साथ भर्ती कर दिया गया। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा भी रोगी के इलाज में अनियमितताएं एवं दस्तावेजों में छेड़छाड़ पाई गईं। बावजूद इसके ग्वालियर CMHO ने संबंदित अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।