
फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाटसएप की फिशिंग साइट से ठगी का कारोबार
ग्वालियर। साइबर अपराधी, लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए पैंतरे अपना रहे हैं। ठगों ने व्हाटसएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित उन सोशल साइटस को जरिया बनाया है जिनके लोग आदी हो चुके हैं। जालसाज इन सोशल साइटस की फिशिंग साइटस बनाकर लोगों को झांसे में लेकर उनके खातों को खाली कर रहे हैं। ऐसी साइट के करीब ३९ हजार से ज्यादा फर्जी लॉगिन पेजों को लोगों से ठगी करने में खोजा जा चुका है। ठगों के लिए बैंक में ऑनलाइन खाता खोलना भी फायदे का सौदा साबित हो रहा है।
साइबर क्राइम की विवेचनाओं में सामने आया है कि लोगों के खातों से ऑनलाइन ठगी करने वाले फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाटसएप सहित इन सोशल साइटस के मैसेंजर की तरह दिखने वाली फिशिंग बेवसाइटों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के शौकीन इन साइटस को असली समझ कर उन्हें लॉगिन कर उन पर पर्सनल डिटेल, पासवर्ड , इमेल आइडी शेयर करते हैं तो ठगों को उनके खाते खाली करने का जरिया मिलता है। स्टेट साइबर सेल के अधिकारी कहते हैं सोशल मीडिया में इन दिनों इंस्टाग्राम और व्हाटसएप सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन इन्हें इस्तेमाल करने वालों को पता होना चाहिए। इन सोशल साइटस की फिशिंग बेवसाइट बिल्कुल असली की तरह दिखती है। यहीं लोग झांसा खाते हैं।
फर्जी दस्तावेजों से ठग खोलते फर्जी खाते
साइबर ठग चोरी का पैसा कई बैंक खातों में ट््रांसफर करते हैं। स्टेट साइबर सेल की ग्वालियर विंग ने जामतारा का ठग मोहित मंडल पकड़ा है। उसने ग्वालियर में रहने वाली महिला काउंसलर के खाते से ३.५ लाख की ठगी थी। ठग ने सिम अपग्रेड करने का झांसा देकर उन्हें ठगा है। ठग मोहित ने खुलासा किया उसने ठगा गया पैसा उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के बैंक खातों में ट््रांसफर किया था।
यह खाते उन लोगों के नाम से खुलवाए हैं जिन्हें न तो वह जानता है। न खाता धारकों का उससे कोई लेना देना है। इनमें एक तो रिटायर्ड सरकारी अधिकारी हैं। उसकी तरह ठगी करने वाले अनजान लोगों के आधार और पैन कार्ड हासिल करते हैं। बैंक इन दिनों ऑनलाइन खाता खोल रही है। उनमें सिर्फ डिटेल के साथ आईडी फ्रूफ के लिए दस्तावेज लगाना पड़ता है। बैंक सिर्फ दस्तावेज वेरीफाई करते हैं। इसलिए फर्जी नाम से खाता खुलवाना आसान है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश में किसी भी बैंक में कहीं भी खाते खुल सकते हैं।
इनका कहना है
सोशल साइटस की फिशिंग बेवसाइट ठगी का अहम जरिया है। इससे बचने के लिए किसी भी साइट पर बिना सोचे समझ डिटेल शेयर नहीं करना चाहिए। क्योंकि पर्सनल डिटेल शेयर करने पर ठग इसके जरिए इस्तेमाल करने वाले के बैंक खातों तक पहुंचते हैं।
सुधीर अग्रवाल एसपी साइबर सेल
Published on:
05 Jan 2022 07:26 pm
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