
ग्वालियर। अक्सर कहा जाता है कि कोई घटना के बाद ही प्रशासन को सुध आती है लेकिन पिछले 34 दिन में 2 छोटे गैस सिलेंडर फटने से करीब 20 लोग आग में झुलसे। जिसमें 2 मासूम सहित 4 की मौत हो चुकी है। 3 अभी भी मौत से लड़ रहे हैं। फिर भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है। शहर या इनसे सटे देहात के क्षेत्र में धड़ल्ले से खुलेआम छोटा बम (छोटे गैस सिलेंडर) की दुकानों पर बिक्री हो रही है। फिर भी संबंधित विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सवाल उठता है कि कितनी और जान जाने के बाद प्रशासन सुध लेगा।
क्यों नहीं होती कार्रवाई
गैस सिलेंडर को खुलेआम दुकानों पर बेचना अवैध है। इसे लिए खाद्य विभाग की टीम को इन दुकानदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन देखने में आता है कि विभाग बहुत ही कम कार्रवाई करता है।
सुबह 11.30 बजे हुरावली में राजकमार बघेल के घर रोजाना की तरह घर में कामकाज चल रहा था। लेकिन अचानक घर में चीख-पुकार मच गई। मालूम चला आंगन में रखा छोटा गैस सिलेंडर फटने से राजकुमार, उसके पास बैठा बड़ा बेटा अमन (5), छोटा बेटा मोहित (3) और मां मीरा (50) आग में झुलस गए। बाद में इलाज के दौरान 3 की मौत हो गई।
महेन्द्रपुर (घाटीगांव) छोटेलाल जाटव की बेटी ललिता की लगुन की तैयारियां चल रही थीं। दोपहहर करीब 12 बजे आंगन में रखे छोटे सिलेंडर में जोर का धमाका हुआ। अआग से कमरों में रखा शादी का सामान जल गया। करीब 15 लोग आग में झुलस गए। जिसमें मासूम कान्हा की इलाज के दौरान मौत हो गई। 3 की हालत अभी भी गंभीर है।
गैस भरकर बिकते हैं सिलेंडर
शहर के हजीरा, गोल पहाडिय़ा, गुड़ा-गुड़ी का नाका, नाका चंद्रवदनी सहित छोटी बस्तियों में गैस सिलेंडर भरकर बेचे जाते हैं। इसके अलावा शहहर से सटे घाटीगांव, मोहना, उटीला, बेहट इन जगहों पर दुकानों पर आसानी से यह छोटे सिलेंडर मिल जाते हैं। इतना ही नहीं दुकानदार मौके पर ही इन छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर भी देेता है। इसके एवज में मोटा मुनाफा कमाता है।
हम अभियान चलाएंगे
गैस सिलेंडर फटने की जो घटनाएं हो रही हैं। उनको लेकर अभियान चलाया जाएगा। अवैध तरीके से रीफिलिंग करने वालेे और छोटे गैस सिलेंडर बेचने वालों पर कार्रवाई होगी। पहलेे भी हमने इस तरह के मामलों में कार्रवाई की है।
मनोज वाष्र्णेय, जिला आपूर्ति अधिकारी
Published on:
16 Apr 2018 02:33 pm
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