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ग्वालियर। हर बार की तरह इस बार भी दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा प्रबंधन ने शहर को हरा-भरा करने का प्लान बना लिया है। इस वर्ष गुरुद्वारा प्रबंधन शहर के 20 किलोमीटर एरिया में लगभग 50 हजार से ज्यादा पेड़ लगाएगा। इसके लिए 35 हजार से ज्यादा पेड़ रायरू स्थित नर्सरी में तैयार हो चुके हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन ने पिछले वर्ष भी साडा स्थित 10 पार्कों को गोद लिया था। इस वर्ष गुरुद्वारा प्रबंधन ने प्रशासन से बात कर 20 किलोमीटर का एरिया चुना है। गुरुद्वारा प्रबंधन पुरानी छावनी से जलालपुर, विक्की फैक्ट्री से तुरारी और लाल टिपारा गोशाला से भिंड रोड तक लगभग 50 हजार से ज्यादा पेड़ लगाएगा।
3 से 5 फीट के पेड़
गुरुद्वारा प्रबंधन के प्रमुख बाबा लक्खा सिंह ने बताया कि जो पेड़ लगाए जाएंगे उनकी ऊंचाई लगभग 3 से 5 फीट की होगी। जो रायरू नर्सरी में तैयार हो चुके हैं। वहीं अन्य संस्थाएं जो पेड़ लगाती हैं वे गड्ढों की गहराई कम रखती हैं जिसके कारण वे पनप नहीं पाते।
पार्क का निर्माण शुरू
उरवाई गेट के प्रथम द्वार पर चेकिंग विंडो के सामने पार्क का निर्माण शुरू हो चुका है। 8 हजार स्कवेयर फीट में बन रहे इस पार्क में भी गुरुद्वारा प्रबंधन पेड़ लगाकर हराभरा करेगा।यहां नीम, पीपल, शीशम, पिलकन, चक्रेशिया, जामुन स्टोनिया सहित अन्य पेड़ लगाए जाएंगे।
सुभाषनगर, हजीरा क्षेत्र में लगा पीपल का पेड़ आज बुरी स्थिति में है। मोटी डंगालें काटी जा चुकी हैं। तना कंक्रीट से घिर जाने से पेड़ को पानी बमुश्किल पहुंच पाता है। यह पेड़ 300 साल पुराना है। 70साल के मुन्नालाल बताते हैं पिताजी के बचपन से पेड़ यहीं है। उनका बेटा घनश्याम बताता है कि लोग स्वार्थवश इस वृक्ष को खत्म करने में आतुर हैं।
गांधी उद्यान, फूलबाग पेड़ पर रखे हनुमान जी के मंदिर के 68 वर्षीय पुजारी हरी कुशवाह बताते हैं बचपन में हम यहां खेलने आते थे तब पार्क नहीं था। आसपास बहुत सारे पेड़ थे, लेकिन यह पेड़ बहुत पुराना है। रवि बताते हैं कि हनुमान मंदिर पहले फूलबाग चोराहे के बीचों बीच था, जिसे बाद में इस पेड़ पर स्थापित किया गया। यह पेड़ करीब 400 साल पुराना है।
Published on:
05 Jun 2018 01:43 pm
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