
ग्वालियर-चंबल अंचल के कुछ मामले, जिनमें कोर्ट ने सुनाई फांसी
ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में इससे पहले भी कोर्ट द्वारा जघन्य अपराधों में फांसी की सजा सुनाई गई हैं। कुछ मामलों में आरोपी द्वारा आगे अपील कर फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील करा लिया गया, वहीं कुछ मामले अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित चल रहे हैं। अब ग्वालियर जेल में फांसी के कुल चार कैदी बंद हैं।
कब : 27 दिसंबर 2014
आरोप : भांजी से दुष्कर्मरोप : भांजी से दुष्कर्म
भांजी से दुष्कर्म के बाद हत्या, जेल में बंद
अतिरिक्त सत्र न्यायालय डबरा ने बिस्कुट दिलाने के बहाने अपनी भांजी को ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म कर नृशंसतापूर्वक हत्या करने वाले वीरेन्द्र बाथम को घटना के तीन माह में ही फांसी की सजा सुनाई थी। 13 दिन बाद ही यह मामला हाईकोर्ट में आ गया था। इस मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता बीके शर्मा ने पैरवी की थी, जिसमें 14 जुलाई 16 को वीरेन्द्र बाथम की सजा को बरकरार रखा गया। आरोपी द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई है आरोपी ग्वालियर जेल में बंद है।
इन्हें भी फांसी: बिलौआ के कैलाशी को फांसी दी गई थी। कैलाशी ने पारिवारिक विवाद में भाई की पत्नी और बच्चे की हत्या की थी।
कब : सन. 1976
आरोप : परिवार की हत्या
एक परिवार के सभी 9 लोगों की हत्या, फांसी
शिंदे की छावनी खल्लासीपुरा में राजेन्द्र सिंह मौरीवार, उनकी पत्नी, माता-पिता व 5 बच्चों के हत्यारे डॉ सर्वेश्वर दयाल शर्मा को फांसी सुनाई गई थी, राजेन्द्र कश्यप ने बताया उसे राष्ट्रपति ने भी माफी नहीं दी, उसे इंदौर में फांसी हुई।गवाह घटना ने अंचल को हिला दिया था।इस घटना में आरोपी की गिरफ्तारी की गवाही देने वाले शिक्षक राजेन्द्र कश्यप ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उस समय हुए इस हत्याकांड ने समूचे अंचल को हिलाकर रख दिया था।
कब : ..................
आरोप : डकैती के कई अपराध
मोहर सिंह की फांसी कर दी थी खारिज
ग्वालियर चंबल संभाग में डकैत मोहर सिंह को सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। मामले में जेल में ही सुनवाई होती थी। एडवोकेट मुकेश गुप्ता ने बताया कि मामले में कोर्ट ने आरोपी को दी गई फांसी की सजा को खारिज कर बरी किया था।
कब : 5 फरवरी 2014
आरोप : पत्नी-बेटी की हत्या
फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला
उच्च न्यायालय ने मुरैना के मानपुर गांव में पत्नी और बेटी की हत्या करने के मामले में आरोपी अनिल सखवार को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया है। 5 फरवरी 2014 को आरोपी ने हत्या कर दी थी।
Published on:
28 Jul 2018 11:04 am
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