
gwalior gang rape case: विशेष सत्र न्यायालय ग्वालियर ने नाबालिग के साथ बलात्कार मामले में पीड़िता और उसके माता-पिता बयान से पलट गए। कोर्ट ने तीनों को पक्षद्रोही घोषित कर दिया, लेकिन डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव थी, इसलिए कोर्ट ने उसे फैसले का आधार माना। इसी से दोनों दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सजा के साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया। विशेष न्यायालय ग्वालियर ने रेप के मामले में विशाल रावत निवासी रामपुर जरी कुआं डबरा, शाहिद खान निवासी इंदिरा कॉलोनी कंपू को दोषी माना है। इनको सजा काटने के लिए जेल भेज दिया गया है।
सहायक जिला अभियोजन आशीष राठौर ने बताया कि 28 अक्टूबर 2020 को पीड़िता की उसकी मां से घर के कामकाज को लेकर बहस हो गई थी। इस वजह से वह घर से निकलकर बहोड़ापुर आई। यहां से वह टैक्सी से मॉल गई। वहां उसे दो लड़के मिले, जो उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ आनंद नगर स्थित होटल में जबरदस्ती लेकर गए। होटल ले जाने के पूर्व दोनों लड़कों ने उसे पावभाजी खिलाई थी। होटल के कमरे में रातभर उसके साथ रेप किया।
उन लड़कों को वह पहले से नहीं पहचानती थी। अगले दिन सुबह 8 बजे उसे होटल के पास रोड के किनारे लेकर गए। तभी वहां उनका एक साथी आ गया। उन दोनों लड़कों ने पीड़िता को उस लड़के के साथ जबरदस्ती होटल पहुंचा दिया। उस लड़के ने भी उसके साथ रेप किया। फिर वह लड़का उसे बहोड़ापुर तिराहे पर छोड़ने आ रहा था, तभी बहोड़ापुर तिराहे पर पीड़िता को उसके माता-पिता मिल गए। मामला सुनते ही सन्न हुए माता-पिता उसे थाने ले गए।
आरोपियों ने घटना के समय वीडियो बनाए, जिसे वायरल करने की धमकी दी। मामला पुलिस के पास पहुंचने के बाद विशाल, आशीष और शाहिद को गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल जब्त किए गए। मोबाइल जांच के लिए साइबर फोरेंसिक लैब भोपाल भेजे गए। इस रिपोर्ट के आधार पर रेप की पुष्टि हो गई।
पुलिस ने मामले की जांच कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि तीसरा आरोपी आशीष फरार घोषित कर दिया गया। वह फैसले के दिन कोर्ट में मौजूद नहीं था।
Published on:
03 Jul 2024 02:26 pm
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