
Gwalior Road, Minister Tulsiram Silawat (फोटो सोर्स : पत्रिका)
Gwalior Road: ग्वालियर शहर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर हो रही किरकीरी के बाद शुक्रवार को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट(Minister Tulsiram Silawat) और ऊर्जा मंत्री बाइक से हालात जानने निकले। मंत्री ने न्यू पड़ाव पुल, बैजाताल, सिंधिया स्कूल, मोतीमहल, जयेन्द्रगंज, ऊंट पुल, फालका बाजार, नई सड़क, हनुमान चौराहा, जनकगंज रोड, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, गश्त का ताजिया व राम मंदिर सड़क का निरीक्षण किया, लेकिन चेतकपुरी सड़क हाल जानने से कन्नी काट गए। शहर की सड़कों के हालात यह कि मंत्री के निरीक्षण करने केडेढ़ घंटे बाद पटेल नगर की सड़क धंसक गई।
सिटी सेंटर की खस्ताहाल सड़क पर प्रभारी मंत्री ने स्थानीय लोग ने पूछा कि कब से खराब है। लोगों ने कहा, बीते चार साल से। अफसरों ने बताया, 1.10 करोड़ के टेंडर लगा दिए है, बारिश के बाद कार्य शुरू करा देंगे।
कुलदीप नर्सरी (चेतकपुरी) से एजी ऑफिस पुल की सड़क के घटिया निर्माण और बार-बार धंसकने के मामले में शुक्रवार को दो कार्यपालन यंत्रियों पर गाज गिर गई। कार्यपालन यंत्री और प्रभारी कार्यपालन यंत्री को मंत्री के निर्देश पर निलंबित कर दिया। ग्वालियर दौरे पर आए प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार दोपहर शहर की खस्ताहाल सड़कों का बाइक पर बैठकर निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री ने स्वीकारा सड़कों की हालत खराब है। प्रभारी मंत्री से चर्चा के बाद निगम आयुक्त ने देररात सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले प्रभारी कार्यपालन यंत्री पीआईयू नगर निगम पवन सिंघल और प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुरेश अहिरवार को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। घटिया सड़क निर्माण को लेकर ग्वालियर नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री सिलावट ने चेतकपुरी रोड की सड़क बार-बार धंसने के मामले में ठेकेदार पर दबाव बनाकर निर्माण कराए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा, अगर जनता कहेगी तो वह किसी पर भी दबाव बनाएंगे, क्योंकि उनका मकसद जनता को सुविधा देना है। मंत्री सिलावट ने महापौर डॉ. शोभा सिकरवार पर तंज कसते हुए कहा, अगर वे महापौर हैं और हमसे सहयोग चाहती हैं, तो हम उन्हें जिम्मेदारी से साथ लेकर चलेंगे। महापौर ने आज तक कोई पत्र नहीं दिया है।
उन्होंने कहा कि ये सड़क किस क्षेत्र में है, किसकी विधानसभा में है, उन्होंने मुझे कभी कुछ बताया है? क्या कोई सहयोग मांगा है? मंत्री ने कहा, सड़कों की खुदाई और लापरवाही में चाहे ठेकेदार हो या अधिकारी, अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। जनता की टैक्स से जमा राशि के बदले में उन्हें सुविधा मिलना चाहिए और अगर समस्या है तो सरकार बार-बार जनता के बीच जाकर जवाब देगी।
कलेक्टर की ओर से गठित जांच समिति कुलदीप नर्सरी से फूलबाग तक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम पर काम करने वाली जैन एंड राय कंपनी, चार करोड़ में सड़क बनाने वाली हाकिम शर्मा की एचएनएस कंपनी और अधीक्षण यंत्री जेपी पारा सहित अन्य अधिकारियों की भी जांच चल रही है।
निगम आयुक्त संघ प्रिय कहा, चेतक(Gwalior Road) में बार-बार सड़क धंसकने से नगर निगम की छवि धूमिल हुई है। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया कि इन दोनों तकनीकी अधिकारियों ने अनुबंधित ठेकेदार द्वारा किए गए सड़क निर्माण के पर्यवेक्षण में लापरवाही बरती है। ठेकेदार ने मानक के अनुसार सड़क निर्माण नहीं किया। दोनों तकनीकी अधिकारियों ने दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही की है। दो अधिकारियों को जनकार्य मुख्यालय में अटैच किया गया है। बता दें कि 18.31 करोड़ की लागत से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट में करीब चार करोड़ से कुलदीप नर्सरी से फूलबाग चौपाटी तक सड़क का निर्माण होना है। यह सड़क 2800 मीटर की है।
Published on:
05 Jul 2025 03:32 pm
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