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High Court Judge Car Snatching Case: रात जेल में, सुबह कोर्ट में जमानत अर्जी नामंजूर, तो दोपहर में बढ़ा बीपी दोनों छात्र नेता अस्पताल में भर्ती

High Court Judge Car Snatching Case: हाईकोर्ट जज की कार छीनने का केस... अब तक दस आरोपियों की पहचान, हाइकोर्ट जज की कार छीनने में पकड़े गए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के महानगर मंत्री हिमांशु श्रोतिय और महानगर सहमंत्री सुक्रत शर्मा जेल से बुधवार को अस्पताल पहुंच गए हैं। दोनों ने जेल में घबराहट होना बताया था।

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High Court Judge Car Snatching Case: हाइकोर्ट जज की कार छीनने में पकड़े गए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के महानगर मंत्री हिमांशु श्रोतिय और महानगर सहमंत्री सुक्रत शर्मा जेल से बुधवार को अस्पताल पहुंच गए हैं। दोनों ने जेल में घबराहट होना बताया था। जेल के डॉक्टर ने चैकअप कर उन्हें जेएएच रैफर किया। वहां चिकित्सकों ने दोनों को एहतियात के तौर पर मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया है। उधर कार लूट मामले में पुलिस ने रेलवे स्टेशन से लेकर जेएएच तक के फुटेज चैक किए हैं। उनमें हिमांशु और सुक्रत के साथियों को पहचाना जा रहा है। लगभग 10 से ज्यादा आरोपियों की शिनाख्त हो गई है।

विद्यार्थी परिषद नेता हिमांशु श्रोतिय और सुक्रत शर्मा को पड़ाव पुलिस ने मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश कर करीब 2 बजे जेल भेजा था। कुछ घंटे बाद हिमांशु और सुक्रत ने घबराहट होना बताया। दोनों ने रात तो जेल में काटी सुबह उन्हें जेल डॉक्टर ने चैक किया। दोनों का ब्लडप्रेशर बढ़ा हुआ था इसलिए पुलिस गार्ड की निगरानी में दोनों को जांच के लिए जेएएच भेजा। यहां चिकित्सकों ने हिमांशु और सुक्रत को भर्ती कर लिया। जेएएच अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ का कहना है एबीवीपी के दोनों नेताओं का इलाज चल रहा है। दोनों मेडिसन वार्ड में भर्ती हैं।

स्टेशन से सीसीटीवी तक फुटेज चैक
जज से कार छीनने की घटना में एबीवीपी और पुलिस आमने सामने हैं। छात्र नेताओं पर कार्रवाई को एबीवीपी के नेता और कार्यकर्ता इसे मनमानी बता रहे हैं। उधर पुलिस घटना में सबूत जुटा रही है। उसकी नजर में पूरा वाक्या सीसीटीवी में रिकार्ड है। रविवार सोमवार रात रेलवे स्टेशन पर क्या हुआ। फुटेज में सब कुछ रिकार्ड है। घटना के समय हिमांशु और सुक्रत के अलावा उनके कई साथी थे। इनमें करीब 10 लोगों की पहचान हो गई है। बाकी के चेहरे पहचाने जा रहे हैं। घटना में किसकी क्या भूमिका रही है यह तय किया जाएगा। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।

पुलिस मुख्यालय से फोन आने पर पुलिस एक्टिव
हिमांशु और सुक्रत शर्मा सहित उनके साथियों पर पुलिस ने डकैती का केस दर्ज किया है। इसे लेकर एबीवीपी और पुलिस में तनातनी है। पुलिस अधिकरियों का कहना है जज से साथ घटना की खबर मिनटों में भोपाल पहुंची थी। पुलिस मुख्यालय भी तुरंत हरकत में आया और पूरी घटना की डिटेल मांगी। उसके बाद ही निर्देशों पर ही कार्रवाई की गई।

दोनों को घबराहट हुई, जेएएच भेजा
एबीवीपी नेताओं को पुलिस जेल लाई थी, यहां दोनों ने घबराहट होना बताया। इसलिए उन्हें जेएएच भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती करना ठीक समझा। फिलहाल दोनों पुलिस की निगरानी में जेएएच में भर्ती हैं।
- विदित सिरवैया, जेल अधीक्षक, ग्वालियर

एबीवीपी कार्यकत्र्ताओं को न्याय मिलना चाहिए
ग्वालियर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन में यात्री की जान बचाने के प्रयास में जज की गाड़ी लेकर जाने के मामले में कहा है कि आपराधिक मुकदमा दुर्भाग्यपूर्ण है। इस संबंध में मध्य भारत के प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने पत्रकारवार्ता में कहा कि अभाविप के छात्रों ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया था, जबकि इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अभाविप का कार्यकर्ता अनुशासन में रहता है। इसको लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। न्याय के लिए सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया जाएगा।

मदद विनम्रतापूर्वक मांगी जाती है, न कि बलपूर्वक, इसलिए जमानत नहीं
- विशेष सत्र न्यायालय ने जमानत आवेदन किया खारिज
ग्वालियर. विशेष सत्र न्यायालय ने जज की गाड़ी लूटने वाले दो आरोपियों का जमानत आवेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मदद विनम्रता पूर्वक मांगी जाती है, न कि बलपूर्वक। पुलिस के जो तथ्य हैं, उसके अनुसार मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस उपयुक्त साधन है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सरकारी गाड़ी को झूमा झटकी कर ले गए। उन्होंने डकैती का घटना को अंजाम दिया है।

पड़ाव थाना पुलिस ने हिमांशु श्रोती व शुभ्रत शर्मा को हाईकोर्ट जज के प्रोटोकॉल में लगी गाड़ी छीनने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों ने न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि 11 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। उनके ऊपर जो अपराध दर्ज हुआ है, वह झूठा है। एक बीमार व्यक्ति की मदद के लिए गाड़ी ली थी। उनका अपराध का कोई इरादा नहीं था। अभियोजन की ओर से नितिन अग्रवाल ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने गंभीर अपराध को अंजाम दिया है। मामले की जांच चल रही है। इस मामले के अन्य आरोपी फरार भी हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत आवेदन खारिज कर दिया।

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