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दो साल में बनेगा नया रेलवे ओवर ब्रिज

डीआरएम झांसी से एनओसी हासिल, आरओबी का भूमि पूजन 25 जून 2014 को किया गया था।

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Manish Gite

Mar 12, 2015

bridge

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ग्वालियर।
वर्षों पुराने लालबहादुर शास्त्री ब्रिज (पड़ाव पुल) से हर रोज गुजरने वाले पचास हजार वाहनों को इसी ब्रिज के समानांतर एक नया रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अगले दो साल में मिल जाएगा। आरओबी के बेस पोल (खंभा) को खड़ा करने के लिए इंजीनियर्स की टीम ने बुधवार को प्रस्तावित आरओबी स्थल पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।


सर्वेक्षण के लिए कई स्थानों पर हाईटेक मशीनों से बोरिंग की जा रही है। बोरिंग से पता लगाया जा रहा है कि जमीन के अंदर पत्थर हैं या बजरी अथवा कोई और संरचना। जैसी भू संरचना मिलेगी उसी हिसाब से पोल इंजीनियरिंग का उपयोग किया जाएगा। आरओबी का निर्माण गुजरात की मंगलम् बिल्डकॉन कंपनी कर रही है।


रेलवे: नए नाम्र्स के चलते आरओबी की बढ़ेगी ऊंचाई

मध्य रेलवे ने लोक निर्माण विभाग को औपचारिक पत्र सौंपकर साफ किया है कि आरओबी की न्यूनतम ऊंचाई ११ मीटर की जा सकती है। रेलवे इसके लिए पहले ही एनओसी जारी कर चुका है।


रेलवे मंत्रालय के हालिया प्रावधानों को आरओबी के संदर्भ में लागू किया जाए या नहीं, इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आरओबी की प्रस्तावित ऊंचाई ८.५० मीटर से बढ़ाकर ११ मीटर करना होगी। अगर ये ऊंचाई बढ़ी तो इसकी लम्बाई में कम से कम प्रस्तावित लम्बाई का पांच फीसदी विस्तार और हो जाएगा।


भू-सर्वेक्षण से शुरू की कवायद पड़ाव पुल की प्रस्तावित ऊंचाई को बढ़ाकर ११ मीटर तक ले जाया जा सकता है। दरअसल रेलवे के हालिया नाम्र्स आए हैं कि रेलवे ट्रेक के ऊपर डबल डेकर की ऊंचाई छोडऩी चाहिए। अभी रेलवे प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत चल रही है। ब्रिज के निर्माण की कवायद कंपनी ने भू सर्वेक्षण के जरिए शुरू कर दी है।

एम एस जादौन,
कार्यपालन यंत्री सेतु संभाग,ग्वालियर

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