11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Kalashtami 2026 Date: कब है साल की पहली कालाष्टमी? यहां जानें डेट और शुभ मुहूर्त

कालाष्टमी भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित एक विशेष व्रत है। जनवरी 2026 में कालाष्टमी की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है। पंचांग के अनुसार यह व्रत 10 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन रात्रि में काल भैरव की पूजा करने से भय, बाधा, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है और शनि–राहु से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है।

2 min read
Google source verification
कालाष्टमी 2026 (pc: gemini generated)

कालाष्टमी 2026 (pc: gemini generated)

कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इसे भैरव अष्टमी या काल भैरव जयंती भी कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप काल भैरव को समर्पित होता है। धर्म ग्रंथों में काल भैरव को समय (काल), न्याय और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है।

कालाष्टमी कब है? (Kalashtami Date January 2026)

पंचांग के अनुसार,

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 10 जनवरी 2026, सुबह 8:23 बजे

अष्टमी तिथि समाप्त: 11 जनवरी 2026, सुबह 10:20 बजे

कालाष्टमी की पूजा का मुख्य विधान रात्रि में होता है। चूंकि अष्टमी तिथि की रात्रि 10 जनवरी 2026 को पड़ रही है, इसलिए कालाष्टमी 10 जनवरी 2026 को ही मनाई जाएगी।

काल भैरव की पूजा क्यों करनी चाहिए?

काल भैरव भगवान शिव के रक्षक स्वरूप माने जाते हैं। उनकी पूजा से

  • मन का भय दूर होता है
  • शत्रु बाधाएं समाप्त होती हैं
  • नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है

ग्रंथों में बताया गया है कि जो भक्त नियमित रूप से काल भैरव की पूजा करते हैं, उनके जीवन में स्थिरता और आत्मबल बढ़ता है।

कालाष्टमी व्रत और पूजा के लाभ (Benefits of Kalashtami Vrat)

कालाष्टमी का व्रत और पूजन करने से

  • मानसिक शांति की प्राप्ति होती है
  • जीवन की बाधाएं दूर होती हैं
  • शनि और राहु ग्रह से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है
  • आर्थिक स्थिति में सुधार होता है
  • भय, तनाव और असुरक्षा की भावना खत्म होती है

ज्योतिष के अनुसार शनि या राहु से पीड़ित लोगों के लिए कालाष्टमी का व्रत विशेष फलदायी माना गया है।

कालाष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त

10 जनवरी 2026 की रात
रात्रि 12:02 बजे से 12:56 बजे तक
काल भैरव की विशेष पूजा के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है।

कालाष्टमी पूजा विधि (Kalashtami Puja Vidhi)

  • सुबह स्नान करके घर की शुद्धि करें
  • व्रत का संकल्प लें
  • रात्रि में भैरव मंदिर या घर पर पूजा करें
  • सरसों के तेल का दीपक जलाएं
  • काले तिल, पुष्प और नारियल अर्पित करें
  • भैरवाष्टक और शिव चालीसा का पाठ करें
  • कुत्तों को भोजन अवश्य कराएं, क्योंकि स्वान काल भैरव का वाहन है

कालाष्टमी के दिन क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • वाणी और व्यवहार को शुद्ध रखें
  • जरूरतमंदों और पशुओं की सेवा करें
  • रात्रि पूजा का प्रयास करें

क्या न करें:

  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक सोच से बचें
  • व्रत के दिन तामसिक भोजन न करें