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‘युद्धस्तर’ पर नए नोट छापने के बावज़ूद RBI की धीमी रफ़्तार, अभी 6 महीने और झेलना पड़ सकता है ‘कष्ट’

क्रेडिट सुइस रिसर्च रिपोर्ट में पता चला है कि आरबीआई ने अब तक 1.5 लाख करोड़ के नोट छापे हैं। इसी रफ्तार से सरकार नोट जारी करती रही तो कुल बंद नोटों के मुकाबले नए नोट आने में छह महीने लग जाएंगे।

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नोटबंदी के बाद से सरकार की नए नोट जारी करने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी से लेकर अब तक 19 दिन में केवल 1.5 लाख करोड़ रुपए के नोट जारी किए हैं, जबकि सरकार ने 14.5 लाख करोड़ के नोट बंद कर दिए हैं। इसी रफ्तार से सरकार नोट जारी करती रही तो कुल बंद नोटों के मुकाबले नए नोट आने में छह महीने लग जाएंगे। क्रेडिट सुइस रिसर्च रिपोर्ट में पता चला है कि आरबीआई ने अब तक 1.5 लाख करोड़ के नोट छापे हैं।

वहीं नोटबंदी के बाद से अब तक 14.5 लाख करोड़ रुपए (2,203 करोड़ नोट) की करंसी चलन से बाहर हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने जो नई करंसी छापी है उसमें ज्यादातर नोट 2,000 के हैं। 1.5 लाख करोड़ रुपए की करंसी के साथ 2.2 लाख करोड़ रुपए की करंसी भी चलन में है।

पहले ये कहा था आरबीआई ने

पहले आरबीआई ने भी कहा था कि 10 से 18 नवंबर के बीच 1.03 लाख करोड़ रुपये लोगों तक पहुंचा दिए गए हैं। साथ ही 14.8 करोड़ रुपये की करेंसी में सें 6 लाख करोड़ की करेंसी बैंकों में जमा हो गई।

अब तक डाकघरों में 32,631 करोड़ और जनधन खातों में 27,200 करोड़ जमा

नोटबंदी के बाद देश भर के 1.55 लाख डाकघरों में 500 और 1000 रुपये के पुराने कुल 32,631 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। डाक विभाग के सचिव बी वी सुधाकर ने कहा कि डाकघरों ने 3,680 करोड़ रु. के पुराने नोट बदले हैं। केंद्र सरकार के अनुसार जनधन खातों में जमा रकम में करीब 27,200 करोड़ का इजाफा हुआ है। 23 नवंबर को यह आंकड़ा 72,834.72 करोड़ था।

2000 करोड़ नोट छापने की जरूरत

रिपोर्ट में कहा है कि ट्रांजेक्शन फ्लो को सही करने के लिए आरबीआई को जल्द ही 2,000 करोड़ नोट छापने की जरूरत है। आरबीआई रोजाना 500 रूपए के 4 से 5 करोड़ नोट छाप रहा है। इस हिसाब से जनवरी 2017 तक पुरानी करेंसी का 67 प्रतिशत पैसा ही चलन में वापस आ पाएगा।

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ई-ट्रांजेक्शन करना व्हाट्सएप जैसा ही आसान है। इस फैसले को सफल बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है।

'आरबीआई पूरी क्षमता के साथ नोटों की प्रिंटिंग कर रही है। करंसी भी बढ़ रही है, बैंक इसे मिशन की तरह ले रहे हैं।' - उर्जित पटेल, आरबीआई गवर्नर

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