
Job Fraud Alert: मर्चेंट नेवी में 400 यूएस डॉलर महीने की नौकरी दिलाने का झांसा देकर सगे भाइयों की गैंग ने तीन बेरोजगारों से करीब 11 लाख रुपए ठग लिए। जालसाजों ने नौकरी से पहले ट्रेनिंग दिलाने का झांसा दिया फिर थाईलैंड और ईरान घुमाकर पैसा ऐंठा। फिर दफ्तर बंद कर ठग भाई थाईलैंड जाकर दुबक गए। धोखे का शिकार हुए युवकों ने पुलिस को पूरा वाकया बताया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में कोर्ट में इस्तगासा लगाई तब एफआईआर दर्ज हुई।
ग्वालियर की न्यू कॉलोनी हजीरा निवासी पंकज सिंह तोमर ने शिकायत में कहा है मर्चेंट नेवी में नौकरी का लालच देकर उन्हें और दोस्त दीपक सेंगर और भैरव सिंह को ठगा गया है। जालसाजी मनीष शर्मा और उसके भाई रवि पुत्र रामप्रकाश शर्मा निवासी लोहिया बाजार ने की है।
दोनों भाइयों ने उनसे और दीपक सेंगर से 7 लाख रुपए और भैरव सिंह से 3.80 लाख रुपया लिया। उसके बाद 14-14 हजार रुपया और ऐंठ लिया। पूरी रकम समेटकर रवि और मनीष थाईलैंड चले गए। अब न रकम लौटा रहे हैं और ना ही नौकरी की बात करते हैं।
पंकज सिंह का कहना है 12 साल पहले बेरोजगार होने की वजह से नौकरी की तलाश थी। पता चला था मनीष और रवि शर्मा जेसी मिल रोड पर श्रीराम मरीन ट्रेनिंग सेंटर चलाते हैं। इसके जरिए मर्चेंट नेवी में नौकरी मिलती है। इसलिए उनसे मुलाकात की थी।
मनीष ने उन्हें और दीपक सेंगर से साढ़े तीन-साढ़े तीन लाख और भैरव सिंह से 3 लाख 80 हजार रुपए लिए। तीनों को 400 यूएस डॉलर महीने की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। उससे पहले 6 महीने की प्रीसी ट्रेनिंग देने का झांसा दिया।
पीड़ितों ने शिकायत में कहा है मनीष और रवि शर्मा ने पैसा ऐंठकर दीपक और पकंज को थाईलैंड भेजा। वहां से उन्हें मुंबई लाकर डेंज सफर किश कंपनी शिपिंग एजेंसी ट्रेडिंग स्टीवडोरिंग में काम पर लगा दिया। उन्होंने झूठ बोला कि दोनों को 400 यूएस डॉलर पगार मिलेगी। लेकिन सिर्फ 150 डॉलर दिए।
इसी तरह भैरव सिंह को शारजहां, बुसेर, ईरान भेजा। यहां मनीष गैंग के मेंबर राजू ने नाव पर नौकरी लगवा दी। फिर घुमाकर वापस ले आया। इसकी शिकायत पुलिस(MP Police) से की तो सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट (Court) से गुहार करने पर हजीरा पुलिस ने केस दर्ज किया।
Updated on:
13 Jul 2024 09:54 am
Published on:
13 Jul 2024 09:54 am
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