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जोश, जज्बा और जुनून का दूसरा नाम हैं ग्वालियर के सोनू मलालिया

19 साल की उम्र से शुरू किया संघर्ष, आज बन गए फैशन सेलिब्रिटी

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जोश, जज्बा और जुनून का दूसरा नाम हैं ग्वालियर के सोनू मलालिया

जोश, जज्बा और जुनून का दूसरा नाम हैं ग्वालियर के सोनू मलालिया

ग्वालियर.
- मुसीबतों से घबराए नहीं बल्कि उसे चैलेंज के रूप में लिया, फैशन इंडस्ट्री और बॉलीवुड इंडस्ट्री में जमाया अपना सिक्का

- सफलता की कहानी: सीनियर्स बोले- फैशन इंडस्ट्री तुम्हारे मतलब की नहीं, आज वही अदब से लेते हैं नाम

मेरा सपना मॉडल बनने का था, लेकिन जब ऑडिशन देने पहुंचा, तो हर जगह यह कहकर रिजेक्ट किया गया कि लंबाई कम है। यह सपना तुमने देख कैसे लिया। एक चैनल में बतौर असिस्टेंट और एसोसिएट फैशन डिजाइनर काम किया, तो कई बार अपशब्द सहने पड़े। एक बार तो यह कहकर अपमानित किया गया कि तुम जीवन में कुछ कर नहीं सकते। तुम्हारे बस की फैशन इंडस्ट्री है ही नहीं। यह बात मैंने चैलेंज के रूप में ली और फैशन इंडस्ट्री में अपना सिक्का जमाया। संघर्ष और सफलता की यह कहानी ग्वालियर के फैशन डिजाइनर सोनू मलालिया ने सुनाई, जिन्होंने अपना सफर 19 साल की उम्र में 2010 से शुरू किया और आज वह फैशन इंडस्ट्री के साथ ही बॉलीवुड में भी फैशन डिजाइनर के रूप में बड़ा नाम बन चुके हैं।

बॉलीवुड फेम रेखा से ले चुके अवॉर्ड
29 साल के सोनू मलालिया कई एक्टर, एक्ट्रेस और मॉडल की ड्रेस डिजाइन कर चुके हैं। इनमें एक्ट्रेस रेखा, वीरा सीरियल के टीवी आर्टिस्ट शिविन नारायण, महादेव के मोहित राणा, रामायण के अरुण मंडोला, अर्धांगनी की नीतू पचौरी, गुडिय़ा हमारी सब पे भारी की सारिका बहरोलिया के साथ मॉडल्स शिवानी ठाकुर, मेडी कौर, कुलदीप शर्मा, पायल वाधवा, गौरव सेठी आदि शामिल हैं। सोनू को रेखा द डिवा अवॉर्ड बॉलीवुड फेम रेखा ने दिया। बेस्ट डिजाइनर के लिए ग्रेट ग्रांड मस्ती फेम कायनात अरोरा से अवॉर्ड मिला। वह फिल्म लीला में भी असिस्टेंट डिजाइनर के रूप में काम कर चुके हैं।

कोचिंग से पैसे कलेक्ट कर किया डिप्लोमा
मैंने 12वीं के बाद फाइन आर्ट कॉलेज में एडमिशन लिया। इसके बाद एनआइएफटी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम दिया। लास्ट राउंड में डोनेशन की मांग की गई, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे। तब मैंने सोचा कि मेरे अंदर टैलेंट है और मैं डिप्लोमा करके भी कॅरियर बना सकता हूं। तब मैंने डिप्लोमा आइएनआइएफडी चंडीगढ़ से किया। फीस भरने के लिए मैंने स्टूडेंट्स को कोचिंग में स्केचिंग सिखाई।

जॉब छोड़ी, अब खुद दे रहे युवाओं को रोजगार
मेरा स्ट्रगल यहीं खत्म नहीं हुआ। मुंबई में मैं एक चैनल में असिस्टेंट और एसोसिएट फैशन डिजाइनर के रूप में वर्क कर रहा था। अर्ली मॉर्निंग उठकर स्टूडियो पहुंचता और लेट नाइट फ्री होता। मैंने खूब मेहनत की। सीनियर्स ने मेरे टैलेंट का खूब यूज किया, लेकिन कभी मुझे मेरे काम का एप्रिसिएशन नहीं मिला। कई बार अपमानित भी होना पड़ा। तब मैंने सोच लिया कि मैं अब जॉब नहीं करूंगा, बल्कि लोगों को जॉब दूंगा और मैंने जॉब छोड़कर खुद का प्लेटफॉर्म तैयार किया। आज मेरा ग्वालियर और दिल्ली में स्टूडियो है। मेरे साथ असिस्टेंट फैशन डिजाइनर सहित 15 लोगों की टीम वर्क कर रही है।

फैशन इंडस्ट्री में हमेशा रहता है अपडेट
सोनू का कहना है यह फैशन इंडस्ट्री हर पल नया मांगती है। इसमें वही टिकता है, जो हर बार इनोवेटिव कर पाता है। इसीलिए मैं समय-समय पर अपने प्रोडक्ट में वर्क कर उसे अपडेट करता हूं। मैं कॉन्सेप्ट पर काम करता हूं। मेरी हर बार एक थीम होती है, जिसे लोग पसंद करते हैं। मैं ड्रेस में इंडियन कल्चर को दिखाता हूं। इसके लिए पहले मेरा रिसर्च वर्क रहता है। मैं 5 घंटे की नींद लेकर अपने कॉन्सेप्ट पर काम करता हूं।