
BJP government: Kamal Nath
ग्वालियर। प्रदेश कंाग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने के बाद सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ पहली बार बुधवार को दतिया पहुंचे और पीतांबरा पीठ पर पूजा-अर्चना की। इससे पहले हवाई पट्टी से पीतांबरा पीठ तक पार्टी कार्यकर्ता बाइक रैली निकाली गई। रैली जिला कांग्रेस कार्यालय से दोपहर 2 बजे प्रारंभ हुई और 2 बजे हवाई पट्टी पर पहुंचकर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान हवाई पट्टी पर कमलनाथ के स्वागत को लेकर कार्यकृताओं और पुलिस में थोड़ी झड़प भी देखने को मिली। आपको बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की राजधानी में मंगलवार को छह घंटे मेगा रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया। वे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय तक रैली के रूप में पहुंचे,जहां उन्होंने कार्यभार संभाला। उनके साथ रथनुमा खुले वाहन में दिग्विजय सिंह ,ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, दीपक बावरिया और विवेक तन्खा थे। 4 नए कार्यकारी अध्यक्ष बाला बच्चन, राम निवास रावत, सुरेन्द्र चौधरी और जीतू पटवारी भी वाहन में थे। रोड-शो के जरिए कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि हम सब साथ-साथ हैं।
कई दिग्गज आते है मां के दरबार में
प्रदेश के दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा को राजसत्ता की देवी माना जाता है। इसी रूप में भक्त उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी है और राजसत्ता प्राप्ति में मां की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस सिद्धपीठ की स्थापना 1935 में स्वामीजी के द्वारा की गई। यह चमत्कारी धाम स्वामीजी के जप और तप के कारण ही एक सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है।
भक्तों को मां के दर्शन एक छोटी सी खिड़की से ही होते हैं। मंदिर प्रांगण में स्थित वनखंडेश्वर महादेव शिवलिंग को महाभारत काल का बताया जाता है। यहां राष्ट्रपति प्रण्ब मुखर्जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ,केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह, स्व. माधवराव सिंधिया व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई नेता मां पीतांबरा शक्ति बगलामुखी के भक्त हैं। आपको बात दें कि यूपी में होने वाले चुनावों से पहले से बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने मां पीताम्बरा की विशेष पूजा अर्चना की थी।
नेहरू से लेकर प्रणब तक ने लगाई दौड़
देश की राजनीति में ये पहली बार नहीं है जब सियासत के महारथी मां पीताम्बरा के दरबार में आए हो। नेता हो या अभिनेता जब भी कोई संकट में आता है तो उसे मां पीताम्बरा सबसे पहले याद आती हैं। यहां देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु,पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ,राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा, राजमाता विजयाराजे सिंधिया सहित देश की कई हस्तियां मां की शरण में आ चुके हैं और मां ने हर बार उनकी मुराद पूरी की है।
इसलिए आते हैं माता के दरबार में
दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा को राजसत्ता की देवी माना जाता है। भक्त भी इसी रूप में उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी है और राजसत्ता प्राप्ति में मां की पूजा का विशेष महत्व होता है। मां की मूर्ति में भी माता को शत्रु की जिव्हा पकड़े दिखाया है। इनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है। शास्त्रों के जानकार बताते हैं कि भगवान परशुराम ने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए मां की उपासना की थी।
Published on:
02 May 2018 07:02 pm
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