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पश्चिमी बंगाल से 3 लाख का गांजा लाई लेड़ी तस्कर

  मुरार 7 नंबर चौराहे पर दबोची तस्कर

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Smugglers caught at Murar number 7 intersection

पश्चिमी बंगाल से 3 लाख का गांजा लाई लेड़ी तस्कर


ग्वालियर। पश्मिची बंगाल से 14 किलो गांजा लादकर लाई युवती मुरार के सात नंबर चौराहे पर पुलिस को मिल गई। उसके ट्रॉली बैग से गांजे की खेप मिली है। पूछताछ में उसने दिल्ली और आगरा तक गांजे की कई बार सप्लाई करना बताया है।

ग्वालियर पहली बार आना बता रही है। यहां गांजा किसके लिए लाई थी। यह नहीं बताया है। सीतारामपुर बर्धमान, पश्मिची बंगाल से मनु पुत्री रतन सिन्हा 14 किलो गांजा लेकर आई थी। मनु को पुलिस ने सात नंबर चौराहे पर पर पकड़ा। उसने पूछताछ में बताया गांजा सप्लाई के बदले उसे 200 रू किलो मेहनताना मिलता है। उसके अलावा सप्लायर उसे किराया और खाने पीने का पूरा खर्चा देता है।

उसे सप्लायर के एजेंट ने ट्रॉली बैग थमाया था। बोला था ग्वालियर पहुंचने पर खरीदार उसे कॉल करेगा। उसे बैग थमा देना। काम होने पर वापसी की ट्रेन पकड़ कर वापस जाना था। खरीदार आने वाला था इसलिए सात नंबर चौराहे पर उसके इंतजार में थी। मनु ने पुलिस को बताया इससे पहले आगरा और दिल्ली तक कई बार आकर गांजा सप्लाई कर चुकी है। यहां पहली बार आई थी।

शक नहीं हो इसलिए ट्रॉली बैग
पुलिस ने बताया तस्कर मनु ने गांजे की खेप ट्रॉली बैग में रखी थी। खुद जींस और टॉप में थी। उसके हुलिए से शक नहीं होता था वह नशा तस्करी कर रही है। मनु ने पूछताछ में बताया नशा थमाने वाले भी जानते हैं पुलिस ट्रॉली बैग लेकर चलने वालों पर एकाएक शक नहीं करती इसलिए इस बैग का इस्तेमाल किया था।

गरीबी, तस्करी में कई युवतियां
नशा तस्कर मनु ने पुलिस को बताया उसके गांव में गरीबी है। इसलिए नशा तस्करी का धंधा तेज है। उसके अलावा गांव की कई युवतियां इस धंधे में शामिल हैं। कुछ युवतियां ग्वालियर में आकर नशा भी खपाती रही हैं। उन्हें देखकर वह भी इस धंधे में उतरी है।

फोन डिटेल से संपर्क का पता
नशा तस्करी में पकड़ी गई युवती किन लोगों के लिए काम करती है, उससे पता लगाया जा रहा है। उसके फोन की डिटेल से जानकारी मिलेगी। शैलेन्द्र भार्गव मुरार टीआई