16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

HAPPY DIWALI 2018: मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें शुभ मुहुर्त में पूजन, यहां रहे सभी शुभ मुुहुर्त

HAPPY DIWALI 2018: मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें शुभ मुहुर्त में पूजन, यहां रहे सभी शुभ मुुहुर्त

2 min read
Google source verification

ग्वालियर। दीपावली पर विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन करने की परंपरा है। मां लक्ष्मी के साथ-साथ गणेश पूजन, कुबेर पूजन और बही-खाता पूजन भी किया जाता है। दिवाली पर उपासक को अपने सामथ्र्य के अनुसार व्रत करना चाहिए. उपासक या तो निर्जल रहकर या फलाहार व्रत कर सकता है।मान्यता है कि भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घर में घी के दिए जलाए थे और अमावस्या की काली रात भी रोशन हो गई थी। इसलिए दिवाली को प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भैया दूज आदि त्यौहार दिवाली के साथ-साथ ही मनाए जाते हैं। यहां हम आपको दीवाली के दिन पडऩे वाले मुहुर्त को बता रहें हैं। जिसे आप अपने अनुसार जिस भी मुहुर्त में पूजा करनाचाहते हैं। वह निम्नलिखित मुहुर्त मे से उपयोग में ला सकते हैं।

Diwali 2018 : दीपावली पर 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे आतिशबाजी,ये है आदेश









प्रदोष काल मुहूर्त





























लक्ष्मी पूजा मुहूर्त17:53 से 19:48
अवधि1 घण्टा 55 मिनट्स
प्रदोष काल17:23 से 20:02
वृषभ काल17:53 से 19:48
अमावस्या तिथि प्रारम्भ7/नवम्बर/2018 को 00:57 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त8/नवम्बर/2018 को 00:01 बजे

Diwali 2018 : धन प्राप्ति के लिए इन चीजों को जरूर करें अपनी पूजा में शामिल,चमक जाएगी आपकी किस्मत









महानिशिता काल मुहूर्त





























लक्ष्मी पूजा मुहूर्त23:33 से 24:01+ *(स्थिर लग्न के बिना)
अवधि0 घण्टे 27 मिनट्स
महानिशिता काल23:33 से 24:26+
सिंह काल24:23+ से 26:40+
अमावस्या तिथि प्रारम्भ7/नवम्बर/2018 को 00:57 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त8/नवम्बर/2018 को 00:01 बजे











चौघडिय़ा पूजा मुहूर्त

दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिये शुभ चौघडिय़ा मुहूर्त





















प्रात:काल मुहूर्त (लाभ, अमृत)06:37 - 09:18
प्रात:काल मुहूर्त (शुभ)10:39 - 12:00
अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ)14:42 - 17:23
सायंकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)19:03 - 24:00+


लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रदोष काल के दौरान होता है जब स्थिर लग्न प्रचलित होती है। ऐसा माना जाता है कि अगर स्थिर लग्न के दौरान लक्ष्मी पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती है। इसीलिए लक्ष्मी पूजा के लिए यह समय सबसे उपयुक्त होता है। वृषभ लग्न को स्थिर माना गया है और दीवाली के त्यौहार के दौरान यह अधिकतर प्रदोष काल के साथ अधिव्याप्त होता है।