
makar sankranti 2020 : तिल गुड़ से बने लड्डू और गजक की घुली महक
ग्वालियर। देशभर के साथ ही प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में सूर्य आराधना के पर्व मकर संक्रांति की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के मौके पर तिल से बने व्यंजनों का विशेष महत्व है। इसके चलते बाजार में तिल के व्यंजनों की पूछ-परख निकल पड़ी है। आपको बता दें कि पूरे देश में मुरैना की गजक ही प्रसिद्ध हैं और इसकी खास वजह है मुरैना के पानी का कमाल।
पिछले साल से दाम हैं तेज
तिली के दाम पिछले साल से करीब 30 रुपए किलो अधिक हैं। इससे गजक के दामों में 30 रुपए किलो की बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में गुड़ और शक्कर की गजक 240 रुपए से 280 रुपए किलो तक बिक रही है। गजक कारोबारियों के मुताबिक गजक महंगी होने के बावजूद बिक्री बढ़ रही है, मकर संक्रांति तक इसमें और भी बढ़ोतरी होगी।
15 जनवरी को मकर संक्रांति
ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी ने बताया कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 365 दिन व 6 घंटे में पूरा करती है। वहीं चंद्र गणना के अनुसार 354 दिन का एक वर्ष होता है। इस प्रकार सूर्य गणना व चंद्र गणना के तरीके में प्रत्येक वर्ष 11 दिन तीन घड़ी व 46 पल का अंतर आता है। इसी कारण प्रमुख त्योहारों की तिथियां आगे-पीछे होती हैं, लेकिन मकर संक्रांति भगवान भाष्कर से जुड़ा है जो बारह राशियों में प्रवेश करता है। राशि प्रवेश को संक्रांति कहा जाता है। सनातन धर्म के अनुसार जिस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात को होता है, उस वर्ष मकर संक्रांति दूसरे दिन सुबह यानी 15 जनवरी को मान्य होती है।
समय के साथ बदले गजक के रूप
पहले जहां तिली से बनी शक्कर और गुड़ की गजक ही चलन में हुआ करती थी, वहीं समय के साथ इसमें बदलाव आ गया है। बाजार में चॉकलेट फ्लेवर, ड्रॉयफू्रट गजक समोसा, कुरकुरे गजक रोल आदि मौजूद हैं। इसके साथ ही मधुमेह के मरीजों को ध्यान में रखते हुए शुगर फ्री (नौ कैलोरी) गजक भी मौजूद है।
होगी बढोत्तरी
गजक कारोबारी बबलू गुप्ता ने बताया कि तेज सर्दी होने पर ही गजक की बिक्री बढ़ती है। इसके चलते इस बार बिक्री अच्छी हुई है। मकर संक्रांति तक इसमें और भी बढ़ोतरी होगी।
Updated on:
12 Jan 2020 02:45 pm
Published on:
12 Jan 2020 02:06 pm
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