
छत्तीसगढ़ के मानसूनी बारिश का असर अभी तक... जिलों में 29 से 52 फीसदी ज्यादा हुई वर्षा(photo-patrika)
MP Weather: बंगाल की खाड़ी से आया कम दबाव का क्षेत्र राजस्थान की ओर निकल गया, इस कारण रविवार को आसमान साफ हो गया। दिन का तापमान उछलकर 33.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे उमस बढ़ गई। वहीं अब बारिश ढलान की ओर आ गई है, 20 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी में ग्वालियर- चंबल संभाग की ओर आने वाला कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हो रहा है। अब सिर्फ स्थानीय प्रभाव से हल्की बारिश की संभावना रहेगी। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर को मानसून(Monsoon 2025) सीजन खत्म हो जाएगा। अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसून विदा हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में 13 सितंबर को जो कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, वह आंध्र प्रदेश के तट से होते हुए महाराष्ट्र की ओर जाएगा। इससे मानसून ट्रफ लाइन भी महाराष्ट्र की ओर खिसक जाएगी। इस सिस्टम से ग्वालियर- चंबल में संभाग में बारिश(Heavy Rain) की संभावना नहीं है। नमी आने से सिर्फ हल्के बादल छा सकते हैं। बादलों की वजह से उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डीपी दुबे का कहना है कि सिस्टम गुजर गया है। अब ग्वालियर में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है।
मानसून सीजन 1 जून से शुरू होता है, लेकिन 17 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इस बार मानसून(Heavy Rain) बिना ब्रेक के बरसा है। पिछले सालों में औसत बारिश का आंकड़ा देखा जाए तो इससे पहले 1390 मिली मीटर बारिश नहीं हुई है। इस साल बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 30 सितंबर तक स्थानीय प्रभाव से जो बारिश की संभावना है, उससे औसत का आंकड़ा 1400 मिलीमीटर तक पहुंच जाएगा। यह अटूट रिकॉर्ड रहेगा। यह कई सालों तक टूटने वाला नहीं है।
Published on:
07 Sept 2025 02:10 pm
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