
अब दूसरे प्रदेश से आने वाले हर खनिज की मात्रा ई-पोर्टल पर हो सकेगी अपडेट
ग्वालियर. प्रदेश सरकार की ओर से अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए खनिज भंडारण लाइसेंस देना प्रारंभ किया गया था। कई वर्षों से खनिज भंडारण में ऑनलाइन व्यवस्था चालू है, लेकिन इसमें एक कमी रह गई थी। दूसरे प्रदेशों से मंगाए जाने वाले खनिजों में अभी तक सिर्फ कोयला की मात्रा ही खनिज भंडारण अनुज्ञप्तिधारियों के पोर्टल पर चढ़ पाती थी, अन्य खनिजों की मात्रा इसमें नहीं चढ़ती थी। इस पर हाल ही में स्टोन पार्क ग्वालियर इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पत्थर कारोबारी सत्यप्रकाश शुक्ला ने एक आवेदन खनिज अधिकारी ग्वालियर को दिया था। खनिज अधिकारी ने इस आवेदन के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर संचालक, प्रशासन एवं भौमिकी खनिज भवन भोपाल को भेजा था। इसे संज्ञान में लेते हुए सरकार ने 4 अगस्त-2023 को अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब दूसरे प्रदेश से आने वाले हर खनिज की मात्रा को ई-पोर्टल पर चढ़ाया जाएगा। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद दूसरे प्रदेश से खनिज मंगाने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
खनिज विभाग ने अब ये दिए हैं निर्देश
-प्रदेश के अनुज्ञप्तिधारी या अन्य राज्यों से खरीदे गए खनिज की मात्रा को ई-खनिज पोर्टल पर अपने स्टॉक में जुड़वाने के लिए 24 घंटे के भीतर खनिज अधिकारी को ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें।
-खनिज अधिकारी द्वारा 24 घंटे के भीतर स्वयं अथवा उनके द्वारा अधिकृत खनिज निरीक्षक या उसके समतुल्य अधिकारी/ कर्मचारी को स्टॉक परीक्षण या भौतिक सत्यापन के लिए स्टॉक स्थल पर भेजा जाएगा।
-खनिज निरीक्षक के निरीक्षण के समय अनुज्ञप्तिधारी खरीदे गए खनिज के समस्त दस्तावेज (ई-टीपी/रेलवे पास) प्रस्तुत करेगा।
-निरीक्षक स्टॉक एवं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
अब इसलिए नहीं होगी असुविधा
अब दूसरे प्रदेश से खनिज मंगाने वालों को किसी प्रकार की असुविधा इसलिए नहीं होगी, क्योंकि मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार के खनिज परिवहन के लिए अभी ई-अभिवहन पास की जरूरत होती है, जो ई-पोर्टल से जनरेट होता है। ई-पोर्टल से ई-अभिवहन पास तभी जनरेट होगा जब उसमें अभिवहन पास जनरेट करने वाले खनिज भंडारण अनुज्ञप्तिधारी के स्टॉक मेें खनिज की पर्याप्त मात्रा होगी। क्योंकि बाहर से मंगाने वाले खनिज की मात्रा स्टॉक में चढ़ नहीं पाती थी, इसलिए बाहर से खनिज मंगाने वाला व्यक्ति उस खनिज को विक्रय भी नहीं कर पाता था।
ई पोर्टल पर खनिज वाहनों की इंट्री की व्यवस्था पहले से थी, लेकिन पोर्टल को और अपडेट किया है। दूसरे राज्य से पत्थर लेकर आने वाले वाहनों को भी अपनी जानकारी ई पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इससे जानकारी रहेगी कि कहां से माल प्रदेश में आया है। इससे व्यापार भी बढ़ेगा। व्यापारियों को भी सहूलियत होगी।
प्रदीप भूरिया, खनिज अधिकारी
Published on:
13 Aug 2023 06:19 pm
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