
MP High Court Gwalior
MP High Court: नगर निगम में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पशु चिकित्सक डॉ. अनुज शर्मा की तैनाती मंत्री की सिफारिश पर हुई थी। एक मंत्री की नोटशीट कोर्ट से छिपाई गई। ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने गलत प्रतिनियुक्ति पर डॉ. अनुराधा गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस टीप के साथ केस प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा। कोर्ट ने पूछा, डॉ. शर्मा को अंतरिम आदेश पर रिलीव करना बताया, पर उनका कार्यकाल पूरा हो चुका था।
कोर्ट ने डॉ. शर्मा की सेवा पुस्तिका तलब करते हुए कहा, वे सागर में काम करने की बजाए ग्वालियर में क्यों रहना चाहते हैं। कोर्ट ने 16 अप्रेल तक जवाब मांगा है। पशुपालन एवं डेयरी के संचालक डॉ. आरके मोहिया ने प्रतिनियुक्ति पर पुनर्विचार का सुझाव दिया, पर उनकी भी अनदेखी की। जिस मंत्री की बात कही गई, उनका नाम रिकॉर्ड में नहीं आया है। स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर एमबीबीएस की ही तैनाती हो सकती है। कोर्ट में पेश सूची के अनुसार निगम के 1244 कर्मियों में 132 ड्राइंग कैडर के हैं, 69 प्रतिनियुक्ति से भरे गए। कोर्ट ने कहा, सिर्फ तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मी निगम के हैं शेष प्रतिनियुक्ति से भरे गए।
● नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव से पूछा-डॉ. अनुज शर्मा को बिना योग्यता स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर क्यों तैनात किया।
● ऐसा लगता है कि डॉ. अनुज ग्वालियर में पशु चिकित्सा अधिकारी के पद पर थे। लाल टिपारा, अन्य गोशाला का प्रभार दिया। ग्वालियर क्यों रहना चाहते हैं।
● 27 मार्च 2025 को झूठा शपथ पत्र क्यों दिया गया। यह क्यों बताया, डॉ. अनुज शर्मा को रिलीव किया है।
Updated on:
10 Apr 2025, 8:03 AM IST
Published on:
10 Apr 2025, 8:03 AM IST
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