23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चोरी हुई ‘कैमरा’ और ‘रेश्मा’ की थाने में हुई पेशी, नाम से बुलाने पर अपने मालिक को पहचाना

चोरी हुए घोड़ा-घोड़ी को हाथरस से ढूंढ लाई पुलिस.....

2 min read
Google source verification
selecteren-paard.jpg

Police recovered

ग्वालियर। शहर के जनकगंज थाने में घोड़ा (कैमरा) घोड़ी( रेश्मा) की पेशी लोगों के लिए हैरानी भरी रही। दरअसल दोनों को चोर 12 जनवरी की रात उनके मालिक उमेश शर्मा के घर से खोलकर ले गए थे। शनिवार रात इन्हें पुलिस हाथरस से ढूंढ भी लाई, लेकिन दोनों को उमेश शर्मा को सौंपने से पहले शर्त रखी। उमेश शर्मा घोड़े और घोड़ी को नाम से बुलाएगा। अगर दोनों उसकी तरफ देखेंगे तब साबित होगा दोनों का मालिक है।

जानकारी के मुताबिक उमेश शर्मा निवासी जीवाजीगंज बग्गी चलवाते हैं। इसलिए घोड़ा और घोड़ी पाले हैं। 12 जनवरी की रात अकरम अमन भूरा अजय खान उनके घोड़ा, घोड़ी को खोलकर ले गए थे। सीसीटीवी में चोर दोनों जानवरों को लोडिंग वाहन में लादकर ले जाते दिखे। रूट ट्रैक करने मकनपुर (कानपुर देहात) में जानवरों के मेले में चोरों मौजूदगी पता चला। यहां चोरों ने घोड़ा, घोड़ी को हाथरस के कारोबारी को बेचा था।

पुलिस ने रखी ये शर्त

चोरों को दबोच कर पुलिस शनिवार रात घोड़ा, घोड़ी को वापस ले आई। उमेश शर्मा उन्हें लेने पहुंच गए। पुलिस को बताया घोड़े का नाम कैमरा और घोड़ी का नाम रजनी है। लेकिन पुलिस ने शर्त रखी ऐसे काम नहीं चलेगा। घोड़ा, घोड़ी को नाम से बुलाओ। अगर दोनों उमेश की तरफ देखेंगे तब माना जाएगा कि वह उनके मालिक हैं। पहले पुलिसकर्मियों ने कैमरा और रेश्मा को नाम से बुलाया दोनों जानवरों ने अनसुना किया, जब उमेश ने दोनों के नाम से आवाज लगाई तो दोनों ने कान हिलाए और तुरंत मालिक की तरफ घूम कर देखा।

आलोक परिहार जनकगंज टीआइ का कहना है कि घोड़ा-घोड़ी को चोरी करने वाले आरोपियों को हाथरस से दबोच लिया है। उनके मालिक ने थाने में आकर दोनों को नाम से बुलाया तो घोड़ा, घोड़ी ने तुरंत उसकी तरफ मुड़कर देखा। जानवरों को मालिक के सुपुर्द किया है।