
Police stations phone
ग्वालियर। शहर और देहात के 37 थानों के सरकारी लैंडलाइन फोन ठप हैं। इनके नंबर पर कॉल करने पर आउट ऑफ ऑर्डर जवाब मिलता है। फोन बंद होने के पीछे मोबाइल का चलन वजह गिनाया जा रहा है, लेकिन इससे वह लोग परेशान हैं जो सीधे थाने फोन कर शिकायत करना चाहते हैं।
क्यों चलन से हुए बाहर
पुलिसकर्मी कहते हैं, मोबाइल का चलन बढ़ा तब से लैंडलाइन फोन बंद होना शुरू हो गए। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर में पुलिस कर्मियों को सीओजी नंबर बांटे उसके बाद से ही थानों के लैंडलाइन फोन के बिल जमा होने में आनाकानी होने लगी। बिल का भुगतान नहीं हुआ तो टेलीफोन विभाग ने फोन कनेक्शन काट दिए। विभाग ने दोबारा चालू नहीं कराने मे दिलचस्पी नहीं दिखाई।
सरकारी सूची से गायब हुए लैंड लाइन नंबर
लैंडलाइन फोन को पुलिस विभाग ने भी शायद आउट डेटेड मान लिया है। इसलिए पुलिस अधिकारियों के नंबर की सरकारी सूची में भी लैंडलाइन नंबर गायब हो चुके हैं। उनकी जगह अधिकारियों और कर्मचारियों को जारी सीओजी और उनके निजी नंबर दर्ज हैं।
डायल 100 की शुरुआत के बाद पूरी तरह ठप
थानों में लैंडलाइन फोन होने का दूसरा बड़ा कारण डायल 100 सेवा भी बताई गई है। रिटायर्ड टीआइ रवि गर्ग कहते हैं डायल 100 नंबर लोगों को शिकायत के लिए मुहैया कराया गया है। यह नंबर लोगों को याद भी है, जबकि थानों के लैंडलाइन नंबर पब्लिक में गिने चुने लोगों को तो पता रहता था। लेकिन आम पब्लिक वाकिफ नहीं रहती थी। इसके अलावा शहर के बाहर से आने वालों को शिकायत करना होती थी तब भी लोग 100 नंबर पर ही कॉल करते थे। डायल 100 सेवा प्रदेश स्तर पर चालू हुई तो लैंडलाइन पर पब्लिक की कॉलिंग भी बंद हो गई। इसलिए भी लैंडलाइन फोन ठप होते गए।
Published on:
11 Apr 2023 01:52 pm
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