21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

job in leather industry: लेदर इंडस्ट्री में प्रोफेशनल्स की जरूरत, युवाओं के लिए अच्छा मौका

Leather Industry- फैशन में लगातार बढ़ रहा उपयोग...। वैश्विक स्तर पर भी बढ़ रहा है इसका कारोबार...।

2 min read
Google source verification
gwa1.png

फैशन के इस दौर में लेदर की उपयोगिता बढ़ी है। आज लेदर शूज, जैकेट, पर्स, बैग, कार एसेसरीज में यूज हो रहा है। देश में लेदर तकनीकी उद्योग का रूप ले चुका है और इसकी मांग भी तेजी से बढ़ी है। इसी डिमांड ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर निकाले हैं। युवा 12वीं के बाद लेदर टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स कर कॅरियर संवार सकते हैं। देश में देखा जाए तो प्रोफेशनल्स की काफी कमी है। इन प्रोफेशनल्स के लिए देश ही नहीं विदेश में भी अच्छे मौके हैं।

भारत में बड़े स्तर पर आ रही संभावनाएं

कुछ दशक पहले तक देश से चमड़े का निर्यात मात्र कच्चे माल के रूप में हुआ करता था और तैयार चमड़ा उत्पादों को बड़े पैमाने पर अन्य देशों से आयात किया जाता था। समय के साथ आए बदलाव, नई तकनीकों के इस्तेमाल और क्वालिटी बेस्ड लेदर प्रोडक्ट तैयार करने में महारथ हासिल की। अब है।

यहां मिल सकते हैं मौके

रोजगार के अवसरों की तलाश लेदर के प्रोडक्ट बनाने वाली इंडस्ट्रीज, प्रोडक्शन हाउसेस, बुटीक और डिजाइनर्स कंपनीज में की जा सकती है। इसके अलावा आप अपनी यूनिट स्थापित कर देश-विदेश में अपने प्रोडक्ट का सेल कर सकते हैं।

यहां से कर सकते हैं पढ़ाई

सेंटर फॉर लेदर गुड्स एंड एसेसरीज फुटवियर डिजाइन एंड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी नई दिल्ली, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड लेदर टेक्नोलॉजी कोलकाता, सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट चेन्नई, गवर्नमेंट लेदर इंस्टीट्यूट आगरा आदि।

ये हैं कोर्स

एमएससी इन लेदर गुड्स एंड एसेसरीज डिजाइन, बीएससी इन लेदर गुड्स एंड एसेसरी डिजाइन, बीटेक इन लेदर टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन लेदर गुड्स एंड एक्सेसरी डिजाइन, सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन लेदर गुड्स एंड एसेसरी डिजाइन।

युवाओं के लिए अपार्च्युनिटी

इसमें कॅरियर को तीन कैटेगरी में बांटा जा सकता है। पहला डिजाइनिंग, दूसरा तकनीक और तीसरा मार्केटिंग। डिजाइनिंग के क्षेत्र में फैशन के ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए नए पैटर्न बनाने होते हैं। इसके लिए हम स्टूडेंट्स को ट्रेंड भी करते हैं। तकनीकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल लेदर उत्पादों का निर्माण और उत्पादन शामिल होता है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग में टैनरीज और फैक्ट्रियों में होने वाली प्रक्रिया शामिल की जाती हैं। युवाओं के लिए इसमें जबरदस्त अपॉर्च्युनिटी है।

आंचल बंसल, सीनियर फैशन डिजाइनर, ग्वालियर