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टीवी के इस चाणक्य ने युवाओं को बताया सफलता का मंत्र, इन बातों पर करें गौर

चाणक्य की बातें पिछले दो हजार सालों से युवाओं का मार्गदर्शन करती आ रही हैं। चाणक्य के इन महान उपदेशों से युवाओं को पुन: रूबरू कराने का काम टीवी के नए चाणक्य ने किया है।

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Shyamendra Parihar

Dec 24, 2016

manoj joshi chanakya on tv

manoj joshi chanakya on tv

ग्वालियर। चाणक्य की बातें पिछले दो हजार सालों से युवाओं का मार्गदर्शन करती आ रही हैं। चाणक्य के इन महान उपदेशों से युवाओं को पुन: रूबरू कराने का काम टीवी के नए चाणक्य ने किया है। कलर्स पर आने वाले चक्रवती अशोक सम्राट में चाणक्य की भूमिका निभाने वाले कलाकार मनोज जोशी आज शहर में हैं। इस अवसर पर पत्रिका ने उनसे बात की तो देखिए टीवी के इस चाणक्य ने युवाओं को सफलता का क्या मंत्र दिया।






कला सीखने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए कड़ी मेहनत करना पड़ती है। थियेटर में काम करके आपके सोचने समझने की दृष्टि व्यापक हो जाती है। एक कलाकार के लिए यह बहुत जरूरी होता है कि वह अपने किरदार को अच्छे से समझकर प्रदर्शन करे। यह सिर्फ थियेटर से ही संभव है। लेकिन वर्तमान में युवा शॉर्टकट के पीछे भाग रहे हैं। यह कहना है बॉलीवुड कलाकार एवं चाणक्य नाटक का बीते 27 वर्षों से मंचन कर रहे मनोज जोशी का। वे शनिवार को शहर में भी चाणक्य नाटक का मंचन करने आ रहे हैं।






सवाल: थियेटर से कब और कैसे जुडे़?

जबाव: स्कूल से ही थियेटर का लगाव था। मैंने थियेटर देखना शुरू किया इसके बाद कॉलेज पहुंचा तो थियेटर करना शुरू कर दिया।

सवाल: किसी ने थियेटर करने से रोका?

जबाव: मां को जब पता चला कि मैं थियेटर करने लगा है तो उन्होंने रोका। उनका मानना है कि थियेटर करने से मैं बिगड़ जाऊंगा।


सवाल: चाणक्य का पात्र क्यों पसंद है?

जबाव: कॉलेज में जब पहुंचा तो चाणक्य को पढऩा शुरू किया। चाणक्य के पात्र में कुछ बातें बहुत पसंद आईं। उन्होंने बिना किसी लालच के राज्य हित में कार्य किया, उनका मानना था कि राजा के लिए प्रजा सर्वोपरि है।

सवाल: पहली बार चाणक्य का रोल कब किया?

जबाव: गुजरात में पहली बार 1990 में चाणक्य का रोल किया। इस दौरान नरेन्द्र मोदी आए थे। इसके बाद बनारस में 1000वें मंचन में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आए थे। ग्वालियर में 1003वीं प्रस्तुति होगी।

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