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धारा 57 लागू: खराब प्रबंधन के कारण संगीत राजा मानसिंह तोमर विवि की कुलपति को हटाया

धारा 57 लागू: खराब प्रबंधन के कारण संगीत राजा मानसिंह तोमर विवि की कुलपति को हटाया

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धारा 57 लागू: खराब प्रबंधन के कारण संगीत राजा मानसिंह तोमर विवि की कुलपति को हटाया

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. लवली शर्मा को शिकायतों और कुप्रबंधन के चलते हटाने के आदेश संस्कृति मंत्रालय ने बुधवार को जारी किए। अब विवि में धारा 57 तब तक लागू रहेगी जब तक नया कुलपति चुनकर नहीं आ जाता।

प्रो. शर्मा ने दिसम्बर 2016 के प्रथम सप्ताह में ज्वॉइन किया था, उनका 22 महीने का कार्यकाल विवादों से भरा रहा। विवाद की शुरूआत मई-जून 2017 में कॉलेजों के निरीक्षण से हुई। जिसमें उन पर विवि से संबद्ध कॉलेजों में खुद के रिश्तेदारों से निरीक्षण कराने का मामला सामने आया। इसके बाद उन पर फर्जी टीए-डीए बिल लेने के आरोप लगे। इस दौरान संस्थान के कुछ प्रोफेसर्स से भी उनकी नहीं पटी।

संस्थान की ही प्रो. संध्या पांडे को उन्होंने नौकरी से सस्पेंड कर दिया, यहां से शिकायतों का दौर संस्कृति मंत्रालय के पास पहुंच गया। इसके बाद नाटक विभाग के प्रोफेसर डॉ.योगेन्द्र चौबे से भी विवाद हुआ। जिसकी शिकायत मंत्रालय के साथ राजभवन से की गई। कुलपति द्वारा खरीदा गया गिटार भी चर्चा का विषय रहा। अभाविप के महानगर मंत्री गौरव मिश्रा से भी लंबा विवाद चला, इस दौरान विवि में धरना प्रदर्शन शुरू हुए, यहां से कुलपति को हटाकर धारा 57 की मांग पूरे प्रदेश में अभाविप ने की।


मंच से शासन को कोसना पड़ा महंगा!

विगत माह आयोजित विवि के दीक्षांत समारोह में कुलपति प्रो. लवली शर्मा द्वारा जनप्रतिनिधियों के बीच शासन और राजभवन पर सपोर्ट न करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने मंच से बताया कि किस तरह विवि में शिक्षक और कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग उनके खिलाफ झूठी शिकायतें करने में लगा है। मंच के भाषण का यह वीडियो भी संस्कृति मंत्रालय को भेजा गया। जिसके बाद विवि में धारा 57 लगाने का निर्णय हुआ।


शिकायतें मिलीं थीं
राजा मानसिंह तोमर संगीत विवि में कुलपति के खिलाफ कुप्रबंधन की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, इससे विवि की साख लगातार खराब हो रही थी, इसी कारण विवि में धारा 54 लगाई गई है जो आगामी कुलपति की नियुक्ति तक लागू रहेगी।
अदिति कुमार त्रिपाठी, उपसचिव, संस्कृति विभाग, मप्र शासन


सारे आरोप मनगढंत
मुझ पर झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने के लिए शिकायतें की जा रही थीं। मैंने कोई नियम विरुद्ध काम नहीं किया, बल्कि विवि को बढ़ाने भरपूर प्रयास किया। कुछ लोग नहीं चाहते कि विवि तरक्की करे, सारे आरोप मनगढं़त हैं, यह जल्द साबित हो जाएगा।
प्रो.लवली शर्मा, पूर्व कुलपति, राजा मानसिंह तोमर संगीत विवि